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Saharanpur News: शहर में खसरा का प्रकोप, 50 बच्चे मिले बीमारी से पीड़ित

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नहीं कराया था बच्चों का टीकाकरण, टीकाकरण कराने वाले बच्चों पर बीमारी का असर कम
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खाताखेड़ी, शंकरपुरी, नवाबगंज, माहीपुरा और कमेला काॅलोनी में बीमारी का अधिक प्रकोप
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नियमित टीकाकरण नहीं कराने पर बच्चे खसरा बीमारी की चपेट में हैं। शहर में 50 बच्चे ऐसे हैं, जिनमें जांच के दौरान खसरे की पुष्टि हुई है। इन सभी का टीकाकरण नहीं हुआ था। इस बीमारी में बच्चों को छोटे-छोटे दाने निकल आए हैं। जिन बच्चों का टीकाकरण हुआ है, उन पर इस बीमारी का असर कम है।
टीबी, हेपेटाइटिस-बी, पोलियो, काली खांसी, डिप्थीरिया, टिटनेस, हिब इंफेक्शन, निमोनिया, दस्त, खसरा-रूबेला और दिमागी बुखार से बचाव के लिए शून्य से पांच साल के बच्चों का नियमित टीकाकरण होता है। महानगर में स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने पर खाताखेड़ी, कमेला काॅलोनी, आजाद काॅलोनी, शंकरपुरी, नवाब गंज, माहीपुरा आदि मोहल्ले के करीब 221 परिवारों ने अपने बच्चों का नियमित टीकाकरण नहीं कराया था। जिन बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ, उनकी जांच की गई तो उनमें से 50 बच्चों में खसरा बीमारी की पुष्टि हुई। सभी बच्चों का स्वास्थ्य विभाग ने इलाज शुरू किया। हालांकि इनमें से 38 बच्चे तो ठीक हो गए, लेकिन 12 बच्चों का इलाज अभी भी जारी है।
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आज से शुरू होगा तीसरा चरण
शून्य से पांच साल के बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए सोमवार से नियमित टीकाकरण का तीसरा चरण शुरू होगा, जो 24 मार्च तक चलेगा। 1476 सत्रों पर नियमित टीकाकरण होगा। करीब 25 हजार बच्चों को टीके लगेंगे। 14,500 डोज न्यूमोकोकल कंजूगेट वैक्सीन भी केंद्रों पर पहुंचा दी गई है।
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खसरे के लक्षण
-सामान्य से तेज बुखार आना।
-सूखी खांसी होना, लगातार नाक बहना।
-गले में खराश बने रहना, आंखों में सूजन आना।
-त्वचा में छोटे-छोटे दाने निकल जाना।
इन पर खसरे का अधिक खतरा
-टीकाकरण न लेने वाले बच्चे।
-विटामिन ए की कमी पाए जाने वाले।
-पांच साल की उम्र से छोटे बच्चे
-कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
बच्चों का कराएं टीकाकरण
जिले में खसरा से संक्रमित बच्चे मिल रहे हैं, अभिभावक अपने बच्चों का टीकाकरण अवश्य करा लें। जनवरी से तीन चरणों में नियमित टीकाकरण अभियान चल रहा है। टीकाकरण न कराने की वजह से ही बच्चे खसरा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। - डॉ. पूजा शर्मा, एसीएमओ
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