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तेल के बढ़े दाम से डेढ़ गुना बढ़ेगी महंगाई

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तेल के बढ़े दाम से डेढ़ गुना बढ़ेगी महंगाई
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सहारनपुर। पिछले तीन सप्ताह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट, आटोमोबाइल, मंडी से जुड़े कारोबारियों से लेकर किसान बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि तेल की कीमतों में गिरावट न आई तो आने वाले दिनों में हर स्तर पर महंगाई डेढ़ गुना तक बढ़ सकती है। किसानों ने कहा कि डीजल के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में फसलों की लागत बढ़ेगी और आगे खेती करना आसान नहीं रहेगा। तेल की कीमतों पर आम लोगों में भी गहरी नाराजगी है।
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लॉकडाउन के कारण पहले ही करोड़ों का नुकसान, आगे क्या होगा
- उत्तर प्रदेश मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेेशन के अध्यक्ष ब्रित चावला ने करीब ढाई माह तक लॉकडाउन के कारण पहले ही ट्रांसपोर्ट कारोबार को करोड़ों का नुकसान हो चुका है। यदि डीजल की कीमतें कम न हुईं तो आगे क्या होगा, यह बेहद चिंता का विषय है। तेल की कीमतें नियंत्रित न होने पर यदि परिवहन भाड़ा बढ़ाना पड़ा तो इसका असर फल, सब्जी, आयरन, कपड़े से लेकर अन्य सभी जरूरी चीजों की कीमतों पर पड़ेगा और महंगाई बढ़नी तय है। इसलिए सरकार उनके साथ ही आम आदमी की जेब का भी ख्याल रखे।
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-- ट्रांसपोर्टर सरदार पीपी सिंह कहते हैं कि डीजल और पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण के लिए अब सरकार को कदम उठाने ही होंगे। अन्यथा महंगाई बढ़ने और कारोबार प्रभावित होने के साथ ही आम लोग और किसान तक बेहाल हो जाएंगे। कोराना काल में प्रभावित ट्रांसपोर्ट कारोबार और मुश्किल में होगा।
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ऑटोमोबाइल कारोबारी निपुण जैन कहते हैं कि पेट्रोल की गाड़ियां ज्यादा बिकती हैं। डीजल की गाड़ियों की सेल कम रहती है। माइलेज के कारण 20-25 फीसदी गाड़ियां इसकी बिकती हैं, लेकिन यदि डीजल के रेट बढ़ेंगे तो इस वैरियंट की गाड़ियों की खरीद और कम हो सकती है। इसलिए इस सेक्टर पर भी असर तो पड़ेगा ही।
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फसलों की लागत बढ़ेगी, रेट कम हों या फिर सब्सिडी दी जाए
-- भारतीय किसान यूनियन अंबावत के जिला अध्यक्ष नीरज चौधरी का कहना है कि पिछले तीन सप्ताह से लगातार डीजल की कीमत बढ़ रही है। अब तक करीब 10 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। मानसून की बारिश तो हुई है मगर धान सहित अन्य फसलों के लिए आगे भी सिंचाई के लिए डीजल की जरूरत होगी। कृषि यंत्रों के संचालन के साथ ही फसलों की लागत बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि डीजल के दाम कम नहीं होते तो सब्सिडी दी जाए।
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बसों के किराए के बारे में अभी कहना मुश्किल
- रोडवेज एआरएम जगदीश सिंह का कहना है कि डीजल की कीमतें बढ़ने से बसों के संचालन का खर्च तो बढ़ेगा मगर बसों के किराए में बढ़ोतरी को लेकर अभी कुछ कहना मुश्किल है। इसका निर्णय तो शासन स्तर पर ही होगा।
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