सहारनपुर। बाजार में दुकानों व रेहड़ियों पर फलों की भरमार है। इन दिनों आम, केला, पपीता आदि फलों को केमिकल से पकाया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद घातक है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभियान का भी कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है।
डाल के पके आमों की आवक अभी शुरू नहीं हुई है, लेकिन बाजार फलों से सजा हुआ है। कहीं आम, केला तो पपीता नजर आ रहा है। इन फलों को केमिकल के खतरनाक मिश्रण से पकाया जा रहा है। जिससे लंबे समय तक प्रयोग किया जाए, लेकिन केमिकल युक्त फल सीधा लिवर पर प्रभाव डालता है और व्यक्ति गंभीर बीमारी का शिकार हो जाता है। पिछले दिनों अपर मुख्य सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जिले में फलों के सर्विलांस नमूने लेने के निर्देश दिए थे। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में फलों के सैंपल भी लिए, लेकिन विभाग की कार्रवाई का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है।
केमिकल से पके फलों का सेवन नुकसानदायक
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने बताया कि कार्बाइड व केमिकल से पकाए गए फलों की पहचान कर सकते हैं। केमिकल से पकाए गए फलों का रंग बेहद चटक होगा। इन फलों का सीधा असर लिवर पर पड़ता है और धीरे-धीरे शरीर को कमजोर कर देता है। इसलिए इनका सेवन करने से बचें।
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शासन के निर्देश पर फलों को लेकर सर्विलांस नमूना अभियान चलाया गया था। विभागीय अधिकारियों ने फलों के सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वैसे खाद्य सुरक्षा अधिकारी आवंटित क्षेत्रों में निरीक्षण करते रहते हैं।
- अशोक कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त (प्रथम), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन