प्रदेश के ऊर्जा सलाहकार कृपाल सिंह ने कहा है कि बिजली की अब कमी खत्म हो गई है। प्रदेश के पास पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। इसलिए अक्तूबर 2016 से कमिश्नरी पर 24 घंटे बिजली की सप्लाई दी जाएगी। जिला मुख्यालयों को भी 22 घंटे बिजली बिजली मिलेगी।
ऊर्जा सलाहकार कृपाल सिंह सोमवार को सर्किट हाउस में ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, स्टोर, कार्यशाला, बिलिंग और विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक में योजनाओं दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण एवं अन्य योजनाओं की समीक्षा करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सभी जगह पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। सहारनपुर में आरजीजीवाई एवं दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत तेजी से कार्य कराया जा रहा है।
एआरपीडीआरपी योजना का कार्य भी अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। इसमें चार तरह के कार्यों के लिए चार कार्यदायी संस्थाएं कार्य कर रहीं हैं। जिसमें 33 केवी की लाइन, 11 केवी की लाइन, 33 केवी के बिजलीघर तथा 11 केवी के बिजलीघरों का कार्य अलग-अलग संस्थाओं को दिया गया है, जिससे तेजी से कार्य किया जा सके। उन्होंने कहा कि मंडल में कुल 400 केवी का 1 उपकेंद्र, 220 के 6 और 132 के 21 उपकेंद्र तैयार हैं।
एक साल में 220 उपकेंद्रों की क्षमता 1380 से बड़ाकर 1620 एमवीए कर दी गई है, 132 उपकेंद्रों की क्षमता 1843 से बढ़ाकर 2186 एमवीए कर दी गई है। कुल 583 एमवीए की क्षमता वृद्धि हो चुकी है। जिससे ओवरलोड की समस्या भी समाप्त हो गई है और आरएपीडीआरपी का कार्य पूरा होने के बाद लाइन लॉस भी खत्म हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2016 से ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे, तहसील स्तर पर 18 घंटे, जिला मुख्यालयों पर 22 घंटे और कमिश्नरी पर 24 घंटे बिजली की सप्लाई दी जाएगी। अब शहरों में तो पर्याप्त बिजली मिलेगी ही, गांवों में भी भरपूर बिजली मिलेगी।
उन्होंने बताया कि बिजली चोरी रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। गांवों में भी अब नए कनेक्शन पर मीटर दिए जा रहे हैं। उसके बाद अन्य पर भी मीटर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद और मेरठ में प्रीपेड मीटर लगने शुरू हो गए हैं। सहारनपुर में भी शीघ्र ही प्रीपेड मीटर लगवाए जाएंगे।