सहारनपुर। पेराई सत्र समाप्त होने के करीब ढाई माह बाद भी जनपद की चार चीनी मिलों पर किसानों का 184 करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। इन चार मिलों को 44761 किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं।
तमाम प्रयासों के बावजूद चीनी मिल बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रही हैं। जिले की आठ चीनी मिलों से चार चीनी मिलों पर अभी भी 184 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। इनमें सबसे अधिक 125 करोड़ रुपये गांगनौली चीनी मिल पर अवशेष हैं। समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने के चलते किसानों के सामने आर्थिक परेशानी पैदा हो गई है। किसानों को रोजमर्रा के खर्चों से लेकर फसल में लागत लगाने तक के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।
बोले किसान
ग्राम कोटा निवासी किसान अरशद का कहना है कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से उनका परिवार आर्थिक संकट में हैं। परिवार के सामने बच्चों की पढ़ाई से लेकर रोजमर्रा का खर्च चलाना चुनौती है।
ग्राम सोहनचिड़ा निवासी कारी शौकीन ने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में बीमार बच्चों की दवाई लाना तक मुश्किल हो रहा है।
ग्राम पठोड़ी बक्काल के किसान मुकेश चौधरी कहते हैं कि वे छोटे किसान है और गन्ने की खेती से ही घर का सारा खर्च चलता हैं। बकाया भुगतान नहीं होने से परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
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ग्राम मीरपुर मोहनपुर निवासी प्रवीण वालिया का कहना है कि बकाया भुगतान नहीं होने से उनका परिवार आर्थिक तौर पर बेहद परेशान है। घर में बीमार सदस्यों के इलाज के लिए ब्याज पर पैसा लेना पड़ रहा है।
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- वर्जन -
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में पिछड़ रहीं चीनी मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन पर जल्द भुगतान करने के लिए दबाव बनाया हुआ है। दिए गए शेड्यूल के अनुसार भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी
जिले की चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य (करोड़ रुपये में)
मिल बकाया
गांगनौली -125.48
गागलहेड़ी -31.26
टोडरपुर 21.39
बिडवी 6.36
नोट : गन्ना विभाग के सात जून के आंकड़े