सहारनपुर जिले में लंपी त्वचा रोग तेजी से फैल रहा है। मंगलवार को चार और गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई, जबकि ढाई हजार से अधिक पशु बीमारी की चपेट में है। अब तक 26 पशुओं की जान जा चुकी है। बीमारी को लेकर पशु पालक परेशान हैं।
तीतरों के ग्राम रादौर में पशुपालक धीरेंद्र की एक गाय व बछिया की मौत हो गई, जिस वजह से पशुपालक का परिवार सदमे में है। धीरेंद्र ने पशु पालन विभाग के चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया है। इसके साथ ही गांव रादौर, बेरखेड़ी, महंगी में बड़ी संख्या में पशु बीमारी की चपेट में है। वहीं, गंगोह में एक तीन माह की बछिया की जान चली गई।
यह भी पढ़ें:CM दौरे की तैयारियां तेज: मेरठ में समीक्षा बैठक करेंगे योगी आदित्यन, यहां देखें पूरा कार्यक्रम
इसी तरह देवबंद क्षेत्र के गांव तल्हेड़ी में भी गोवंशीय पशु की मौत हुई है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में पशु बीमार हैं। इसी तरह आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। पशुपालन विभाग का दावा है कि 1400 पशु ठीक भी हुए हैं। 90 पशुओं की सैंपल भी जांच के लिए बरेली भेजे गए।
कलेक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम में आ रही सूचनाओं के आधार पर टीमें मौके पर पहुंचकर पशुओं का इलाज कर रही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजीव सक्सेना का कहना है कि गांव-गांव टीमें जा रही हैं। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए तत्काल प्रभाव से ईलाज शुरू किया जा रहा है। 12 दिन में अब तक 26 गोवंशीय पशुओं की मौत हुई है।