इस दौरान उनके पास शीरा खरीदने वाली एक फर्म के 12 टैंकरों के नंबर और चालकों की सूची आई, जिस पर वह सामान्य रूप से जांच करने चले गए, लेकिन शीरा संरक्षित क्षेत्र में उन्हें 14 टैंकर आने की जानकारी मिली, जिसमें से आठ टैंकर शीरा भरकर जा चुके थे। छह टैंकर मौके पर खड़े थे। शीरा निगरानी के लिए तैनात आबकारी उप-निरीक्षक और लिपिक से बातचीत की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। प्रथम दृश्टया जांच में पाया कि स्वीकृत टैंकरों की आड़ में दो टैंकरों में चोरी से शीरा भरकर भेजा जाना था।
प्रधान प्रबंधक ने बताया पकड़े गए शीरे की अनुमानित कीमत लगभग छह लाख रुपये है। दोनों टैंकरों में करीब 600 क्विंटल शीरा था। टैंकर शीरा मंगाने वाली फर्म के न होकर अलग से बुलाए गए थे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आबकारी उप-निरीक्षक, लिपिक और दो चालकों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने पूछताछ में बताया कि वह टैंकर मालिकों से साठगांठ रखते थे, जो उन्हें प्रति क्विंटल शीरे के हिसाब से रुपये देते थे। पूर्व में कई बार अवैध रूप से टैंकरों की एंट्री करा शीरा बेच चुके हैं।