सहारनपुर। जनपद में गुड सेमेरिटन (नेक इंसान) योजना ज्यादा कमाल नहीं कर पाई है। सात साल में सिर्फ एक ही नेक इंसान मिला है। सड़क हादसों में घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वालों को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की गई है। इसमें घायल को अस्पताल पहुंचाने पर पुरस्कार की योजना है।
घायलों की मदद के लिए वर्ष 2015 में गुड सेमेरिटन योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना के तहत सड़क हादसे में घायल पड़े अज्ञात व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वालों को पुरस्कार स्वरूप खाते में पांच हजार रुपये भेजने और इस नेक काम के लिए संबंधित अस्पताल से प्रमाणपत्र भी देने का प्रावधान है। परिवहन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को नेक इंसान चिह्नित करने की जिम्मेदारी है। सात सालों में सिर्फ एक ही नेक इंसान को ढूंढ पाया है। जनपद में नेक इंसान योगेश दुधेरा हैं। इनके अलावा अभी नेक इंसानों की संख्या नहीं बढ़ पाई है। उधर, एआरटीओ प्रवर्तन आरपी मिश्रा ने बताया कि गुड सेमेरिटन योजना के तहत कुछ और नामों का प्रपोजल बनाकर भेजा गया है। अगले महीने होने वाले सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में नेक इंसानों की संख्या बढ़ जाएगी।