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पूर्व विधायक ने की आवास योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत

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सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रों से रुपये ऐंठने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। दलालों के साथ ही योजना से जुड़े कर्मचारी भी पात्रों की जेब पर डाका डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला आवास के नाम पर पात्र परिवार से दस हजार रुपये लेने का है, जिसका स्टिंग भाजपा के पूर्व विधायक राजीव गुंबर ने कराया है। पूर्व विधायक पीड़िता को साथ लेकर शिकायत के लिए जिलाधिकारी अखिलेश सिंह से मिले हैं।
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पूर्व विधायक के साथ कलक्ट्रेट पहुंची पूजा ने जिलाधिकारी को बताया कि भगवती कॉलोनी के पीछे रहती है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन किया था। वह लगातार दो साल से डूडा कार्यालय के चक्कर लगा रही थी। हाल ही में सर्वेयर द्वारा उन्हें बताया गया कि मकान की जियो टैगिंग करने के लिए आएगा। ऐसे में वह 25 हजार रुपये का इंतजाम रखे। पूजा ने पैसे देने में असमर्थता जताई। आरोप है कि सर्वेयर ने कहा कि बिना पैसे के मकान पास नहीं होगा। इसके बाद उसने अपनी पीड़ा पूर्व विधायक राजीव गुंबर को बताई। उन्होंने खुद के पास से दस हजार रुपये देते हुए अपने दो सहयोगी स्टिंग करने के लिए भेजे। जियो टैग के लिए आए सर्वेयर को दस हजार रुपये देते हुए वीडियो बनाई गई है।
राजीव गुंबर ने जिलाधिकारी को बताया कि योजना को लेकर विभाग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। जो लोग पैसा नहीं दे पाते हैं उनके आवेदन गायब कर दिए जाते हैं। संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट कराकर कार्रवाई कराने की मांग की। जिलाधिकारी से मिलने वालों में पार्षद नंदकिशोर शर्मा, संजय गर्ग, आशुतोष सहगल, कुशल पठानिया, ललित कटारिया, यशपाल पुंडीर, नरेश रावत आदि शामिल रहे।
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पूर्व में भी सामने आ चुके हैं मामले
प्रधानमंत्री आवास योजना में वसूली की यह पहली घटना नहीं है। करीब एक वर्ष पहले भी दो से तीन मामले इस तरह के सामने आए थे, जिसमें दोषियों को जेल भेजा जा चुका है। शहर की बाहरी कॉलोनियों में आज भी कई दलाल योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 30 से 50 हजार रुपये तक ले रहे हैं।
कर्मचारी को हटाया, रिपोर्ट दर्ज होगी
डूडा के परियोजना निदेशक अनुज प्रताप सिंह ने बताया कि शिकायत मिलते ही आरोपी कर्मचारी को हटा दिया गया है। पीड़िता के बयान लिए गए हैं। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि योजना पूरी तरह नि:शुल्क है। यदि किसी से कोई व्यक्ति लाभ दिलाने के नाम पर पैसा मांगता है तो उसकी शिकायत उनके कार्यालय में करें।
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