- निर्यात में हुआ 4806 किलो का इजाफा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। अपने स्वाद और खुशबू के लिए विख्यात जनपद का आम इस बार विदेशियों को खूब भाया है। गत वर्ष की तुलना में 4806 किलो आम का अधिक निर्यात हुआ है। गत सीजन में जहां जनपद से 24206 किलो आम का निर्यात हुआ था। वहीं इस बार बढ़कर 29012 किलो तक पहुंच गया है। इस सीजन में आम का सबसे अधिक निर्यात यूनाइटेड किंगडम को हुआ है।
जनपद के आम को विश्व के कई देशों में खासा पसंद किया जाता है। यहां से प्रतिवर्ष दशहरी, लंगडा, चौसा, रामकेला, फजली, गुलाब जामुन, कलमी मालदा आदि आम का बड़े स्तर पर निर्यात होता है। आम को निर्यात करने से पहले मंडी समिति स्थित मैंगो पैक हाउस में प्रोसेस किया जाता है।
विदेशों में खाने की चीजों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसलिए आम की पेड़ से तुड़ाई करने के बाद उसे पानी में डालकर साफ किया जाता है। इसके बाद इसे मैंगो पैक हाउस में प्रोसेस के लिए लाया जाता है। यहां आम की पहले धुलाई और ग्रेडिंग की जाती है और फिर इसे ठंडे पानी और वीएचटी (वेपर हीट ट्रीटमेंट) दिया जाता है। वीएचटी में आम को भाप से गुजारा जाता है। ठंडा होने पर आम की पैकिंग की जाती है।
पहली बार रूस भी हुआ आम का निर्यात
वैसे तो जनपद से आम का निर्यात विश्व के कई देशों में होता है, लेकिन प्रदेश से इस बार आम का निर्यात रूस को भी हुआ है। इस बार 1120 किलो आम की खेप रूस भेजी गई। इसमें 500 किलो लंगड़ा आम और 620 किलो चौसा आम शामिल था। इसके अलावा यूृनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, इटली, कतर आदि देशाें में भी आम का निर्यात हुआ है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी भेजा गया चौसा आम
आम की उच्च गुणवत्ता को देखते हुए उत्तर प्रदेश मंडी परिषद की ओर से जनपद के चौसा आम को देश की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के यहां आम भेजा गया है। वीआईपी को भेजने के लिए जनपद के कई बागों से चौसा आम को खरीदा गया। इसमें नानौता क्षेत्र के मोक्षार्थ किसान उत्पादक संगठन से जुड़े बागवानों के बाग भी शामिल हैं।
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वर्जन
निर्यात में गत वर्ष से इजाफा
इस बार गत वर्ष की तुलना में 4806 किलो आम का अधिक निर्यात हुआ है। इस बार आम की सबसे अधिक मांग यूनाइटेड किंगडम में रही है। प्रदेश से पहली बार जनपद से आम का निर्यात रूस हुआ है। निर्यात को बढ़ाने का प्रयास जारी है।
- सुमन भारती, सचिव मंडी।