-छुटमलपुर, महंगी, रायपुर, कालूवाला व डिगौली में बन रहे सेंटर
-मरीजों का इलाज करने के साथ ही मिलेगी औषधीय पौधों की जानकारी
-हर्बल वाटिका की होगी स्थापना, एक सेंटर पर खर्च होंगे 24 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित हो रहे पांच आयुर्वेदिक अस्पतालों को अब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जाएगा। हर सेंटर में हर्बल वाटिका भी बनेगी। मरीजों को दवाओं से उपचार के साथ ही औषधीय पौधों के बारे में जानकारी दी जाएगी। सेंटरों के भवन लगभग बनकर तैयार हो गए हैं। जल्द ही शुरू हो जाएंगे।
आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पतालों में दवा उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ चिकित्सक एवं योग प्रशिक्षण की भी तैनाती की जा रही है। इसी रणनीति के तहत अस्पतालों को आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा। जिले में पांच आयुर्वेदिक अस्पतालों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाया जाएगा। इनमें छुटमलपुर, महंगी, रायपुर, कालूवाला और डिगोली शामिल है। ये अभी नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहे हैं। सेंटर में ग्रामीण आबादी को औषधीय पौधों से ही इलाज के तरीके बताए जाएंगे।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने का काम तेजी से चल रहा है। कालूवाला में 85 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो गया है, जबकि अन्य का काम लगभग पूरा हो गया। उम्मीद है कि इसी महीने के अंतिम तक कार्यदायी संस्था विभाग को हैंडओवर कर देगी। एक सेंटर पर करीब 24 लाख रुपये खर्च होंगे। सेंटर में डॉक्टर रूम, फार्मासिस्ट स्टोर, गोदाम और हर्बल वाटिका होगा। वाटिका में लगे पौधों के बारे में अस्पताल आने वाले मरीजों को जानकारी मिलेगी। इसके पीछे उद्देश्य है कि औषधीय पौधों के बारे में आम आदमी जागरूक हो और अपने घर में औषधीय पौधों को संरक्षित करें।
वर्जन
ग्रामीण क्षेत्र की आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित करने के उद्देश्य से पांच आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनेंगे। इनका भवन अलग होगा और फिलहाल नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहे हैं। सेंटर में हर्बल वाटिका भी स्थापित की जाएगी। मरीजों का इलाज करने के साथ ही उन्हें औषधीय पौधों के बारे में भी जानकारी मिलेगी।
- डॉ. रामकृपाल, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी