सहारनपुर। दीपावली पर हुई आतिशबाजी के बावजूद महानगर में हवा की स्थिति सामान्य रही है। माना जा रहा है कि पर्यावरण को लेकर नागरिकों में जागरुकता आई है और उन्होंने कम आतिशबाजी की है। पांच साल के आंकड़े उठाकर देखें तो दिवाली के दिन के एक्यूआई में लगातार कमी आ रही है, जो पर्यावरण और सभी जीवों के लिए अच्छा संकेत है। उधर, दीपावली से चार दिन पहले सहारनपुर का एक्यूआई 190 था, जो आतिशबाजी के बावजूद दीपावली पर घटकर 174 रहा है। हवा की यह स्थिति सामान्य मानी जाती है।
देश भर में बीते करीब 20 दिन से हवा की गुणवत्ता खराब चल रही है। दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में मेरठ और मुजफ्फरनगर तक एक्यूआई 300 से 350 से ऊपर चल रहा है। पांच दिन पहले सहारनपुर में भी एक्यूआई 190 तक पहुंच गया था। ऐसे में अलग अलग स्तर से प्रदूषणमुक्त दीपावली मनाने की अपील लोगों से की जा रही थी। जिसका असर देखने को मिला है। दीपावली पर एक्यूआई मापने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने घंटाघर चौक और आईआईटी रुड़की के सहारनपुर स्थित परिसर आईपीटी में मॉनिटरिंग की। दीपावली पर एक्यूआई आईपीटी परिसर में 136 और घंटाघर चौक पर 174 दर्ज किया गया। यानी हवा की स्थिति सामान्य रही, क्योंकि 101 से 200 एक्यूआई को सामान्य श्रेणी में रखा जाता है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार आतिशबाजी कम हुई है, जिसका सुबूत एक्यूआई के आंकड़े हैं। एक्यूआई कम होने के पीछे एक वजह उन्होंने जनपद में वन क्षेत्र का बढ़ना भी बताया है। उन्होंने बताया कि जनपद में दीपावली से दो दिन पहले हुई बारिश और हवा चलने से भी वायु प्रदूषण कम हुआ, क्योंकि बारिश से पहले जनपद का एक्यूआई 190 था, जो बारिश होने के बाद गिरकर 100 तक आ गया था। ऐसे में बारिश को भी हवा के साफ होने की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
बीते पांच साल का दीपावली पर एक्यूआई
वर्षएक्यूआई
2023-174
2022-212
2021-270
2020-374
2019-381
हवा की गुणवत्ता और उसकी स्थिति
एक्यूआई शून्य से 50 के बीच रहे तो अच्छा
51 और 100 के बीच रहे तो संतोषजनक
101 और 200 के बीच रहे तो सामान्य
201 और 300 के बीच रहे तो खराब
301 और 400 के बीच रहे तो बेहद खराब
401 से 500 के बीच रहे तो गंभीर
जिला अस्पताल क्षेत्र में सबसे कम ध्वनि प्रदूषण
सामान्य दिनों में महानगर का ध्वनि प्रदूषण 55 से 60 डेसीबल तक रहता है। ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए महानगर में चार जगह मशीनें लगाई गई थीं। इस बार यानी 2023 में घंटाघर क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण 80.5 डेसीबल रहा है, जो कि बीते वर्ष यह 71.1 डेसीबल था। जिला अस्पताल क्षेत्र में इस बार ध्वनि प्रदूषण 60.2 डेसीबल दर्ज किया गया है, जो बीते वर्ष 65.2 डेसीबल था। आवास विकास क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण 78.1 डेसीबल रहा है, जो बीते वर्ष 56.4 डेसीबल था। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र दिल्ली रोड पर इस बार ध्वनि प्रदूषण 82.8 डेसीबल रहा है, जो बीते वर्ष 72.4 डेसीबल था। यानी दिल्ली रोड क्षेत्र में सबसे अधिक और जिला अस्पताल क्षेत्र में सबसे कम शोर प्रदूषण हुआ है।
दीपावली पर आतिशबाजी के बावजूद एक्यूआई सामान्य स्थिति में रहना अच्छा संकेत है। इससे अधिक अच्छी बात यह है कि बीते पांच साल से दिवाली पर बढ़ने वाले वायु प्रदूषण में लगातार कमी आ रही है। पर्व और उनका उल्लास अपनी जगह है, लेकिन लोग पर्यावरण के प्रति सजग हुए हैं यह प्रकृति और जीवन के लिए अच्छा है।
- अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड