यहां हो चुके हैं बड़े हादसे
- सरसावा क्षेत्र के गांव गोविंदपुर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट होने से पांच लोगों की मौत हुई थी।
- एकता कॉलोनी में अवैध रूप से घर में बनाए जा रहे सुतली बमों में आग लगने से तीन लोग झुलसे थे।
- मानकमऊ अवैध रूप से बनाए जा रहे आतिशबाजी में आग लगने से दो लोगों की मौत हुई थी।
- मोहल्ला आतिशबाजान में घर में आतिशबाजी बनाते समय धमाका हुआ था और तीन लोगों की जान गई थी।
- बिहारीगढ़ क्षेत्र के गांव सतपुरा में पटाखा फैक्टरी में तीन बार हादसे हो चुके हैं।
यह भी पढ़ें: CM Yogi Baghpat Visit: सीएम से मिलाने की गुहार लगाते रहे फरियादी, पर अफसरों ने एक न सुनी, ये हैं समस्याएं
इन मानकों को करना होता है पूरा
पटाखा फैक्टरी में कई मानकों को पूरा करना होता है। इसके तहत फैक्टरी में बिजली का कनेक्शन नहीं होना चाहिए। आग बुझाने को हर समय रेत की व्यवस्था और अग्निशमन यंत्र लगे हों। फैक्टरी परिसर में पानी के लिए हौज बनी होनी चाहिए। 18 वर्ष की उम्र से कम का कोई श्रमिक कार्यरत न हो। फैक्टरी आबादी से दूर होनी चाहिए।