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आपराधिक वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाएं : डीआईजी

Thu, 15 Dec 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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बैठक लेते डीआईजी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में डीआईजी जितेंद्र कुमार शाही ने कहा कि क्षेत्र में लूट, डकैती एवं अन्य आपराधिक वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। लंबित पड़ी विवेचनाओं को निस्तारित करें।
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वांछित अभियुक्तों, वारंटियों एवं सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए थानाध्यक्षों को निर्देशित किया जाएं। लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्षों पर कार्रवाई की जाए। त्योहारों के मद्देनजर तीनों जिलों में कानून व्यवस्था कड़ी कर दी जाएं। प्रमुख एवं सार्वजनिक स्थानों की चेकिंग कराई जाएं।

डीआईजी जेके शाही बुधवार को कैंप कार्यालय पर परिक्षेत्र के तीनों जनपदों सहारनपुर, शामली एवं मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षक की बैठक ले रहे थे।
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उन्होंने आने वाले त्यौहार क्रिसमस डे, नववर्ष, यूपी डायल-100, नोट बंदी को लेकर बैंकों में लगी भीड़ एवं विधानसभा चुनाव-2017 को लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखने के बारे में दिशा निर्देश दिए।

कहा कि मंडल के समीपवर्ती क्षेत्र के सभी चेकपोस्टों पर संदिग्ध तत्वों को रोकने के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया जांए। नियमित रूप से रेलवे, बस स्टेशन, महत्वपूर्ण स्थानों, भीड़भाड़ वाले स्थान जैसे मॉल्स, सिनेमाघर, धार्मिक स्थल, मुख्य बाजारों में सतर्क दृष्टि बनाए रखकर सुरक्षा के समुचित पुलिस प्रबंध करें।

प्रतिदिन सुबह बैंक एवं सराफ व्यापारियों की दुकान खुलने के समय इनके आसपास तथा इनके पास आने जाने वाले रास्तों पर चेकिंग की जाएं। स्थान बदल-बदल कर दो पहिया वाहन पर सवार तीन व्यक्तियों एवं संदिग्ध लोगों की चेकिंग की जाएं। 

उन्होंने रात में घने कोहरे में सराफ व्यापारियों से लूट, घर में घुसकर लूट एवं सड़क मार्गों पर लूट, डकैती, चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए कार्य योजना बनाकर कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े लूट एवं डकैती की घटनाओं का खुलासा समय रहते किया जाएं। घटनाओं को रोकन के लिए सख्ती बरती जाएं। डीआईजी ने निर्देश दिए कि जिन थाना क्षेत्रों में अपराध बढ़ रहा है उन निरीक्षकों को चेतावनी दी जाएं।

लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएं। छोटी-छोटी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाएं। जिससे बड़ा मामला न हो सके। इसके अलावा जेल में बंद अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएं। अपराधियों की पेशी के दौरान कड़ी न्यायालय परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाएं।

उन्होंने निर्देश दिए कि अवैध खनन, गोकशी, अवैध असलहों की बिक्री पर रोकथाम के लिए टीमें गठित कर कार्रवाई कराई जाएं। थाना पर आने वाले पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका निस्तारण करें।
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