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Saharanpur News: 150 उद्योगों पर आर्थिक बोझ, शुल्क संशोधन का खाका तैयार

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नागल ​स्थित शुगर मिल की चिमनीजिला पंचायत शुल्क वाली खबर का फोटो
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- आय बढ़ाने के लिए जिला पंचायत की बड़ी तैयारी
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- उद्योग लाइसेंस से लेकर खनिज परिवहन के शुल्क में होगी बढ़ोतरी

- कहीं 10 प्रतिशत तो कहीं दोगुनी होगी दर, बेकरी और बर्फ कारखाना भी प्रभावित
विनीत तोमर
सहारनपुर। आय बढ़ाने के लिए जिला पंचायत बड़ा कदम उठाने जा रहा है, जिससे जिला पंचायत क्षेत्र में संचालित 150 से अधिक उद्योगों अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। जिला पंचायत ने प्रकाष्ठ अभिवहन शुल्क से लेकर फैक्टरी लाइसेंस और खनिज परिवहन शुल्क में बढ़ोतरी की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित संशोधन के तहत कुछ मदों में 10 प्रतिशत तक वृद्धि की जाएगी, जबकि कुछ शुल्क को दोगुना करने की तैयारी है। फैक्टरी लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी का सबसे अधिक प्रभाव जिले के विभिन्न उद्योगों पर पड़ने की संभावना है। इसमें चीनी मिलें, वेल्डिंग मशीन निर्माण इकाइयां, कपड़ा बनाने की खड्डियां, सरिया निर्माण कारखाने, बर्फ फैक्ट्री, सिनेमाघर, बैंक्वेट हॉल, गत्ता एवं कागज बनाने वाले उद्योग सहित कई अन्य औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। बोर्ड बैठक में मंजूरी के बाद अब बाकी प्रक्रिया पूरी कर इसे लागू किया जाएगा।
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इस तरह बढ़ेगा फैक्टरी लाइसेंस शुल्क
उद्योग प्रचलित दर नई दरें
चीनी मिल एक लाख डेढ़ लाख
गत्ते का कागज बनाने का कारखाना एक लाख डेढ़ लाख
सरिया बनाने का कारखाना 20 हजार 30 हजार
लोहा गलाने का कारखाना 10 हजार 15 हजार
बर्फ कारखाना पांच हजार सात हजार
कोल्ड स्टोर आठ हजार 12 हजार
कृषि यंत्र बनाने का कारखाना चार हजार आठ हजार
धागा बनाने का कारखाना पांच हजार सात हजार
पेट्रोल पंप तीन हजार पांच हजार
सिनेमा हाल छह हजार 12 हजार
ट्रैक्टर शोरूम पांच हजार दस हजार
गैस एजेंसी गोदाम समेत आठ हजार 15 हजार
बैक्वेट हॉल और होटल 10 हजार 15 हजार
बेकरी 600 1500
आटा चक्की 200 400
नोट : इनके अलावा भी काफी उद्योग हैं। यह लाइसेंस शुल्क एक वर्ष की अवधि के लिए होता है।
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प्रकाष्ठ (इमारती लकड़ी/काष्ठ) अभिवहन शुल्क वसूली
ट्रक 10 टायर 200 400
ट्रक 6 टायर 150 300
ट्रैक्टर-ट्रॉली 4 टायर 200 400
ट्रैक्टर-ट्रॉली 2 टायर 150 300
मिनी ट्रक 50 100
खनिज परिवहन शुल्क
इसी तरह खनिज परिवहन शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। इसमें बालू, रेत, बजरी, मिट्टी आदि का परिवहन शामिल है। 6 चक्का ट्रक तक 400 रुपये प्रति चक्कर, 10 चक्का ट्रक से 600 रुपये प्रति चक्कर और 22 चक्का ट्रक से दो हजार रुपये प्रति चक्कर प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा 2 चक्का ट्रैक्टर-ट्रॉली 300 रुपये प्रति चक्कर और 4 चक्का ट्रॉली 500 रुपये प्रति चक्कर के हिसाब से वसूली होगी।
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यह बोले चेयरमैन
जिला पंचायत के चेयरमैन मांगेराम चौधरी का कहना है कि विकास कार्यों की बढ़ती जरूरतों के बीच आय के स्रोत बढ़ाए जा रहे हैं। पंचायत को मिलने वाला राजस्व बढ़ने से सड़क, सफाई और अन्य विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध हो सकेगा। इसी उद्देश्य से शुल्क संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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