बुखार ने लील ली तीन और जिंदगियां
सहारनपुर। जिले में बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी बुखार चिलकाना के गांव सोंधेबांस में दो और मौत हो गई है। वहीं तीतरों के गांव ठोल्ला में बुखार से एक मौत हो गई।
चिलकाना के गांव सोंधे बांस में यशपाल की पत्नी सविता (35) को चार दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने सविता को हरियाणा के गांव नथमलपुर में एक डॉक्टर के यहां दिखाया, लेकिन बुखार में किसी तरह की कमी न आने के कारण डॉक्टर ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। सोमवार सुबह सविता की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई। उधर, गांव सलीरी में शराफत (45) पुत्र रफीक को पांच दिन पहले बुखार हुआ था। शराफत को चिलकाना के एक डॉक्टर के यहां दिखाया गया लेकिन बुखार में कोई लाभ न होने के कारण उसे सहारनपुर जिला अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल से डाक्टरों ने शराफत को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही शराफत की मौत हो गई। इसी गांव में 15 दिन पहले भी एक छात्रा की बुखार से मौत हो गई थी। क्षेत्र के गांव बरथाकायस्थ में भी बुखार का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। गांव के अनेक लोग बुखार से पीड़ित होकर यमुनानगर चंडीगढ़ तथा जौलीग्रांट में अपना इलाज करा रहे हैं।
सीएचसी सरसावा प्रभारी डा. राजेश ने बताया कि क्षेत्र में बुखार का प्रकोप कम हो गया है लेकिन फिर भी दोनों मौत के बारे में जांच कराई जाएगी कि मौत का वास्तविक कारण क्या है। गांव में कीटनाशक और एंटी लार्वा के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं।
तीतरो के गांव ठोल्ला में बुखार का प्रकोप फैलने से गांव के विक्की कुमार, दिनेश कुमार, अनुज कुमार, संदीप, रामभूल, सतपाल सिंह, सोनू कुमार, उसकी पत्नि सुनिता, विनोद कुमार सहित अनेक ग्रामीण अपना उपचार करा रहे हैं। गांव के ही 45 वर्षीय अजमेर सिंह पिछले एक पखवाड़े से बुखार से पीड़ित चल रहा था। पहले परिजनों ने उसे गांव के ही चिकित्सक को दिखाया। आराम न मिलने पर उसके बाद उसे नानौता और गंगोह अस्पताल में दिखाया। हालत बिगड़ने पर चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती कराया। जहां उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों विक्की कुमार, संदीप कुमार, रामभूल आदि ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में दवाई का छिड़काव करने एवं स्लाइड बनवाने की मांग की।