सहारनपुर। महिलाओं में वाहन चलाने का क्रेज बढ़ा है या फिर यूं कहें की उन्हें चालान कटने का डर है। संभागीय परिवहन कार्यालय से एक साल में 1632 महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएं हैं। अब तक 37 हजार से अधिक महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बन चुके हैं।
जिले की सड़कों पर दोपहिया व चौपहिया वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हालत यह है कि वाहनों की संख्या बढ़ने से महानगर में कोई दिन ऐसा नहीं जाता है, जिस दिन जाम नहीं लगता। कभी कम तो कभी ज्यादा। कई बार तो यातायात पुलिस को जाम खुलवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। इतना ही नहीं कार चलाने वाली महिला-युवतियों की भी संख्या बढ़ रही है। महिलाएं तेजी के साथ ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में लगी हैं। हर रोज आरटीओ कार्यालय में महिलाएं ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंच रही हैं।
बिना ड्राइविंग लाइसेंस चलाती मिलती हैं युवतियां
संभागीय परिवहन विभाग व यातायात पुलिस के चेकिंग अभियान में स्कूटी व कार चलाते समय ऐसी महिलाओं व युवतियों को पकड़ा जा चुका है, जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। चालान काटने के साथ ही कुछ महिलाओं व युवतियों को हिदायत दी गई। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन एमपी सिंह ने बताया कि बिना लाइसेंस, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले और बिना फिटनेस वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलता रहता है। एक साल में 1632 महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बने हैं। यह अच्छी बात है कि महिलाएं तेजी के साथ ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रहे हैं।