देवबंद। इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम में शनिवार को वर्ष 2024-25 के लिए नवीन शिक्षा सत्र का आगाज हुआ। इसमें उलमा ने छात्रों को अनुशासन में रहकर अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखने की नसीहत की।
दारुल उलूम की प्रसिद्ध रशीदिया मस्जिद में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी ने छात्रों को अकाबिर उलमा (बड़े उलमा) की इल्मी खिदमात के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों को नसीहत करते हुए कहा कि वह अपने घर परिवार को छोड़कर दीन की शिक्षा लेने आए है, इसलिए वह अपने मकसद को हमेशा सर्वोपरि रखें और सुन्नत के मुताबिक जिंदगी गुजारें। संस्था के सदर मुदर्रिस व जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि जिंदगी का एक-एक लम्हा कीमती है, इसलिए हमेशा तालीम हासिल करने की जुस्तजू में लगे रहें और शिक्षा के अलावा सभी चीजों से अपने आपको बचाएं।
उन्होंने कहा कि सभी काम नीयत पर आधारित है, इसलिए अपनी नीयत को हमेशा दुरुस्त रखते हुए इल्म हासिल करें। शिक्षा प्रभारी मौलाना हुसैन हरिद्वारी ने छात्रों को संस्था की गाइड लाइन से अवगत कराया। अंत में मौलाना अबुल कासिम नोमानी ने मुल्क में अमनो अमान और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ कराई। संचालन मौलाना सलमान बिजनौरी ने किया। इसमें नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी, छात्रावास मौलाना मुनीरुद्दीन, मौलाना अशरफ अब्बास सहित मदरसा छात्र मौजूद रहे।