पता लगा कि चारों युवक सगे भाई जितेंद्र, जोगिंदर, बिट्टू, बंटी पुत्रगण सुशील ग्राम किशनपुरा थाना सरसावा थे, जो अपनी मां सुखदेवी के साथ थाने पहुंचे थे। चारों युवक किशनपुरा के शराब तस्कर थे, जो हरियाणा से देसी शराब लाकर क्षेत्र में सप्लाई करने के साथ ही कच्ची शराब की कशीदगी का काम भी करते थे।
चारों युवकों पर शराब तस्करी के पहले छह मुकदमे पंजीकृत थे। पुलिस का दबाव पड़ने पर चारों युवक अपनी मां के साथ थाने पहुंचे तथा अपराधों एवं शराब तस्करी से तौबा करते हुए जान की भीख मांगी।
इस संबंध में सरसावा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि चुनाव में व्यस्त रहने के चलते पुलिस युवकों पर दबाव नहीं बना रही थी लेकिन जैसे ही चुनाव संपन्न हुआ।
पुलिस ने चारों सगे भाइयों को घेरना शुरू कर दिया तो वे अपनी मां को लेकर थाने पहुंच गए और भविष्य में अपराध करने, शराब तस्करी करने से तौबा कर ली। थानाध्यक्ष ने बताया कि इन्हें जीवन सुधारने का मौका दिया जा रहा है। यदि भविष्य में ये अवैध कामों में लिप्त पाए जाते हैं, तो इनके विरुद्ध कार्रवाई का रास्ता खुला है।