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Mission 2024: पिता ने बनवाई थी सपा की सरकार, बेटी पहुंची भाजपा के द्वार

Thu, 22 Feb 2024 04:09 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर

सार

सहारनपुर के स्व राज्यमंत्री राजेंद्र राणा के बेटी प्रियंवदा ने भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने बुधवार को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके पिता सपा सरकार में मंत्री रहे तो अब प्रियंवदा भाजपा में शामिल होकर राजनीति का नया आयाम लिखेंगी।
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प्रियंवदा राणा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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वर्ष 2003 में सपा सरकार बनवाने वाले ग्रामीण अभियंत्रण राज्यमंत्री रहे स्व. राजेंद्र राणा की बेटी प्रियंवदा राणा ने बुधवार को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपाई होने पर प्रियंवदा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह कभी सपा में शामिल ही नहीं हुईं।
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पिता सपा सरकार में मंत्री रहे थे, इस लिहाज से वह क्षेत्र में काम करती थीं। उन्होंने कभी भी सपा की सदस्यता ग्रहण नहीं की। पहली बार उन्होंने किसी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। यह खुद का फैसला है, इसमें परिवार की भूमिका नहीं है। पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से उसका निर्वहन करेंगी।

दरअसल, ग्रामीण अभियंत्रण राज्यमंत्री रहे स्वर्गीय राजेंद्र राणा ने वर्ष 2003 में मायावती सरकार के 40 विधायक तोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। इन विधायकों के समर्थन से उस वक्त सपा ने बीएसपी सरकार को गिराकर अपनी सरकार बनाई थी। तभी से सपा में इस परिवार की अच्छी पकड़ थी।
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प्रियंवदा राणा वर्ष 2016 में पिता राजेंद्र राणा के निधन के बाद सुर्खियों में आईं। उन्होंने परिवार की राजनीतिक जमीन दरकने से रोकने के लिए देवबंद विधानसभा क्षेत्र में मां मीना राणा के साथ मिलकर काम किया। उनकी ख्वाहिश थी कि वह चुनाव लड़ें। सपा ने राजेंद्र राणा के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनकी माता मीना राणा को उम्मीदवार बनाया। लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी माविया अली से वह चुनाव हार गईं।

वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने राजेंद्र राणा के बेटे कार्तिकेय राणा को प्रत्याशी घोषित किया। इस बार भी परिवार को झटका लगा और कार्तिकेय भाजपा के कुंवर बृजेश सिंह से चुनाव हार गए।

इसके बाद ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भी राणा परिवार ने किस्मत आजमाई। इसमें भी उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। अब प्रियंवदा राणा ने भाजपा का दामन थामा तो एक बार फिर से राणा परिवार सुर्खियों में आ गया। सपा से हटकर राणा परिवार के किसी सदस्य का भाजपा में चले जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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