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राजनीतिक पंचायतों से गुमराह नहीं होंगे किसान: शाही

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- कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने की पत्रकारों से वार्ता
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- बोले, किसानों के हक में नीतियां बना रही सरकार
- कांग्रेस और सपा को किसानों ने नकार दिया है
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कांग्रेस और सपा सहित विपक्षी दलों को किसानों ने रिजेक्ट कर दिया है, तभी वह लोग सत्ता से बाहर हुए। केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के हक और हितों की नीतियां लागू कर रहीं हैं। पंचायत करने वाले राजनीतिक दल किसानों को गुमराह नहीं कर पाएंगे।
बुधवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को लेकर चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए किसानों के साथ 12 दौर की वार्ता की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सभा में भी कहा, कानूनों में क्या काला है यह बता दीजिए, मगर विपक्ष के लोगों ने संसद में एक शब्द भी नहीं बोला। कांग्रेस खुद कृषि कानूनों में बदलाव चाहती थी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी यही चाहते थे, लेकिन वह कर नहीं पाए थे। यदि पुराने कानून किसानों के हित में थे तो किसान आत्महत्या करने को मजबूर क्यों थे।
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पूर्व सीएम अखिलेश यादव के बयान पर उन्होंने कहा कि किसान ने तो इनको रिजेक्ट कर दिया है, किसान तो भाजपा और नरेंद्र मोदी के साथ हैं। जिन राज्यों में चुनाव हुआ है वहां किसानों ने विपक्षी दलों को सबक सिखाया है। किसान समझ रहा है, पहली बार किसान सम्मान निधि के माध्यम से धनराशि मिल रही है। यदि विपक्षी दल भी ऐसा करते तो सत्ता से बाहर क्यों आते, हमें अवसर मिला और किसानों के हित में कार्य कर रहे हैं, आगे भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान हित में कार्य होते रहेंगे।
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पूर्व सीएम अखिलेश यादव के एक और बयान पर उन्होंने कहा कि मंदिर और मस्जिद के निर्माण में जनभावना और जन सहयोग बेहद आवश्यक होता है, जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं उनके पिता ने तो अयोध्या में लोगों पर गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसानों के भले में कभी नहीं सोचा, बल्कि नुकसान ही करते रहे। अब भाजपा के शासन में किसानों के हित में कानून बनाए गए हैं।
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