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Saharanpur News: आलूू के भाव में गिरावट से किसान परेशान

Sun, 12 Mar 2023 12:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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खेत से आलू निकालती महिलाएं
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सहारनपुर। अच्छी पैदावार के बावजूद आलू की खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा बन गई है। इसकी बड़ी वजह आलू के भाव में आई गिरावट है। मंडी में किसानों को औसतन 450 से 550 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है। कम भाव के चलते किसानों ने अपना आलू शीतगृहों में रखना शुरू कर दिया है।
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जनपद में आलू की खेती का क्षेत्रफल 400 हेक्टेयर है। अक्तूबर से नवंबर तक लगने वाले आलू की खोदाई 25 मार्च तक हो जाती है। जनपद में आलू का औसत उत्पादन 350 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इस बार आलू की पैदावार अच्छी हुई है, लेकिन कम भाव होने से किसानों के लिए आलू की खेती घाटे का सौदा बन गई है। मंडी में इस समय आलू का औसत भाव 450 से 550 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। किसानों का कहना है अच्छी उत्पादकता होने के बावजूद इस भाव से आलू की फसल पर लगने वाली लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा 650 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर आलू की खरीदारी कराने की घोषणा से उम्मीद है कि बाजार में आलू के भाव में सुधार आएगा।
बोले किसान
गांव मांझीपुर के किसान पंकज सैनी ने बताया कि इस बार आलू की औसत पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ रही है, लेकिन मंडी में भाव कम रहने के चलते आलू की खेती की लागत भी नहीं निकल पा रही है। आलू को शीतगृहों में रखा जा रहा है।
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गांव टिकरौल के किसान अनिल चौधरी का कहना है कि उनके यहां आलू की अगेती फसल थी। इसके चलते उत्पादन भी काफी बढि़या हुआ है, लेकिन कम भाव ने किसानों का गणित बिगाड़ दिया। किसानों को आलू के दाम कम से कम एक हजार रुपये प्रति क्विंटल मिलने चाहिए।
शीतगृहों में आलू रखना शुरू
गंगोह स्थित शीतल शीतगृह के मालिक प्रमोद गोयल ने बताया कि किसान उनके यहां आलू रखने के लिए आना शुरू हो गए हैं। एक लाख क्विंटल की क्षमता वाले शीतगृह में अब तक 40 हजार क्विंटल आलू रखा जा चुका है। शीतगृह में 50 फीसदी आलू बीज का रखा जाएगा।
जनपद में आलू का क्षेत्रफल 400 हेक्टेयर है। कम रकबा होने की वजह से जनपद में सरकारी आलू खरीद केंद्र खोलने के लिए अभी तक कोई निर्देश नहीं मिला है। आलू की पैदावार तो अच्छी है, लेकिन भाव कम होने से किसान परेशान हैं। अरुण कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
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