सहारनपुर विकास भवन में आयोजित किसान दिवस में बिजली के ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर अधिकारियों पर अवैध वसूली करने, बिजली की लाइनों को जबरन बंद करने, सड़कों की हालत खराब होने, पशु अस्पतालों में चिकित्सक नियुक्त न होने आदि कई समस्याओं को लेकर किसानों ने जमकर हंगामा किया। दोपहर 12 बजे तक डीएम के न पहुंचने पर भी किसानों ने रोष जताया।
मंगलवार को विकास भवन में जिलाधिकारी पवन कुमार की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित हुआ। इसमें किसानों ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। बताया कि गांवों में विद्युत निगम के अधिकारी बिना पैसे लिए ट्रांसफार्मर नहीं बदलवा रहे हैं। ट्रांसफार्मर चोरी हो रहे हैं और उसके बाद कई महीने तक किसानों को चक्कर लगाना पड़ता है। ग्राम जीवाला में बिजलीघर तैयार है, उसे चालू नहीं किया जा रहा है।
गांवों में एक दिन सप्लाई देने के बाद दूसरे दिन सप्लाई बंद कर दी जाती है। जबकि बिल पूरे माह का लिया जा रहा है। किसानों ने निगम के अधिकारियों पर समस्याओं का निराकरण न करने का आरोप लगाया। भाकियू नेता चरण सिंह, भाकियू नेता विनय कुमार, सोकेश चौधरी, सोमदेव आदि किसानों ने विभिन्न समस्याएं उठाई।
कीटनाशक खाकर असर भी नहीं हो रहा ः सहारनपुर। एक किसान ने नकली कीटनाशक की बिक्री का मुद्दा उठाया। कहा कि बजार में धड़ल्ले से कीटनाशक दवाइयों की बिक्री की जा रही है। हालत यह है कि कई बच्चों ने आत्महत्या करने के लिए कीटनाशक दवाइयां खाईं, किसी को कुछ नहीं हुआ। यह सुन पूरा सदन हंसते-हंसते लोटपोट हो गया।
राज्य स्तर पर सम्मान मिला जिले में कुछ न हीं
सहारनपुर। ग्राम मानपुर कदीम के सलेक चंद ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि मुख्यमंत्री ने गन्ना उत्पादन में मंडल में प्रथम और राज्य में दूसरे स्थान के लिए लिए उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी का सम्मान जिले में पहुंचा दिया जाएगा। लेकिन नहीं पहुंचा।