सहारनपुर के नानौता में 220 केवीए नानौता बिजलीघर से गंगोह के लिए जा रही 132 केवीए विद्युत लाइन बिछाने को लेकर किसान व बिजली अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं।
किसान कम मुआवजे सहित अन्य कई आरोप विद्युत निगम के अधिकारियों पर लगा रहे हैं। जबकि अधिकारी नियमानुसार मुआवजा दिए जाने की बात कर रहे हैं। उधर प्रशासन और विद्युत निगम के अधिकारियों ने किसानों को कहा कि होली के बाद बिजली लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
काफी समय से नानौता से गंगोह को जाने वाली 132 केवीए विद्युत लाइन बिछाने को लेकर किसानों और विद्युत निगम के अधिकारियों के बीच चली आ रही वार्ता लगातार विफल रही है।
इसी के मद्देनजर सोमवार को एक बार फिर रामपुर मनिहारान की नायब तहसीलदार चंद्रकांता की मध्यस्थता में गांव टिकरौल, खुड़ाना सहित कई गांवों के किसानों व 220 केवीए उपकेंद्र सहारनपुर, विद्युत पारेषण खंड उप्र पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की एक बैठक नगर पंचायत परिसर में आयोजित की गई। इसमें दोनों पक्षों ने अपनी बातें रखी लेकिन सहमति नहीं बन पाई।
किसान मोहन सिंह, संजय सिंह, पिंकू तोमर, गौतम सिंह, सत्यवीर, ओमपाल सिंह आदि का कहना था कि इस लाइन पर पीछे किसानों को जो सबसे अधिक मुआवजे का चेक दिया गया है उसी आधार पर आगे जाने वाली लाइन के किसानों को मुआवजा दिया जाए।
किसानों का आरोप था कि जहां नानौता से गंगोह तक जाने वाली बिजली लाइन की दिशा में परिवर्तन किया गया है तो वहीं कुछ किसानों की जमीन में बिजली खंभे व लाइन न बिछे होने के बाद भी उन्हें अधिक रकम के चेक दिए जा चुके हैं। उन्हें भी सही मुआवजा दिया जाए।
वहां पहुंचे विद्युत निगम के एक्सईएन एके वर्मा, एसडीओ एके गर्ग व जेई पीके शर्मा से नायब तहसीलदार की हुई वार्ता के बाद किसानों को कहा गया कि वह किसानों को नियमानुसार अधिक मुआवजा दिलवाया जाएगा।