- गांव उमरी कलां में रहने वाले लील्लू और उनकी पत्नी अंजना
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। ग्रामीण क्षेत्र में आवास योजना का लाभ कई पात्रों तक नहीं पहुंच पा रहा है। रामपुर मनिहारान तहसील के गांव उमरी कलां में लील्लू और उनकी पत्नी अंजना कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। मकान की छत कड़ियों से बनी हुई है। पक्का मकान बनवाने के लिए ग्राम प्रधान से लेकर ग्राम पंचायत सचिव से गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अंजना के भाई अर्पित ने अमर उजाला को ईमेल के जरिये यह समस्या बताई। अर्पित का कहना है कि उनकी बहन का परिवार कच्चे मकान में रह रहा है। बहनोई लील्लू मजदूरी कर परिवार की गुजर बसर करते हैं। ग्रामीण आवास योजना की पात्रता में आते हैं, लेकिन योजना में उन्हें लाभ नहीं मिल रहा है। अर्पित ने बताया कि इस बारे में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत से जब पक्का मकान बनवाने की मांग की तो सचिव ने कह दिया कि सर्वे होगा, उसमें यदि नंबर आ जाएगा तो मकान पक्का बन जाएगा। अर्पित का कहना है कि गांव में अन्य भी कई लोगों के पक्के मकान योजना के तहत बने हैं, लेकिन उनके बहनोई पात्र होने के बावजूद योजना से वंचित हैं। मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार का कहना है कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है, यदि कोई पात्र व्यक्ति है तो वह उनके कार्यालय में आवेदन कर सकता है। उसके बाद योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया कराई जाएगी।
- गांव उमरी कला निवासी लील्लू का कडियों की छत वाला कच्चा मकान।- फोटो : SAHARANPUR