सहारनपुर। डीआईजी अभिषेक सिंह ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यातायात डायवर्जन व्यवस्था, आपातकालीन संपर्क केंद्रों और पुलिस की तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक्सप्रेसवे पर किसी भी स्थिति में कांवड़ियों का प्रवेश न होने दिया जाए। निर्धारित कांवड़ मार्गों से ही यात्रा करने के लिए प्रेरित करें।
डीआईजी ने एक्सप्रेसवे पर स्थापित इमरजेंसी कॉन्टैक्ट प्वाइंट की कार्यप्रणाली और उपलब्ध संसाधनों की भी जांच की। गश्ती दलों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि डायवर्जन व्यवस्था का शत-प्रतिशत पालन कराया जाए और किसी भी तरह की अव्यवस्था न होने दी जाए। हरिद्वार से दिल्ली, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, बुलंदशहर और पुरा महादेव (बागपत) जाने वाले कांवड़ियों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
श्रद्धालुओं से केवल अधिकृत कांवड़ मार्गों का ही उपयोग करने की अपील की गई है। भारी वाहनों को छुटमलपुर, सहारनपुर बाईपास, यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत होते हुए भेजा जाएगा, जबकि देहरादून और हरिद्वार से दिल्ली जाने वाले भारी वाहन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उपयोग करेंगे। वहीं दिल्ली और गाजियाबाद से देहरादून-हरिद्वार जाने वाले भारी वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और मवीकलां कट के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। मध्यम और हल्के वाहनों के लिए भी एनएच-58 पर यातायात पूरी तरह बंद रहेगा। ऐसे सभी वाहनों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और अन्य निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।