सर्दी ने अपना भीषण रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार की सुबह से ही आसमान में कोहरा छाए रहने तथा शीत लहर चलने के कारण बढ़ी सर्दी से लोगों के हाड कांप उठे। पहली बार लोग अलाव जलाकर हाथ सेकते नजर आए। बढ़ी सर्दी के कारण अन्य दिनों की तुलना में बाजारों में रौनक कम रही, जिसकी वजह से दुकानदार मायूस नजर आए।
इस बार अभी तक सर्दी ने नरम रुख अपनाया हुआ था, मगर बृहस्पतिवार की रात अन्य रातों की तुलना में अधिक ठंडी रही। शुक्रवार की सुबह आसमान कोहरे की चादर ओढ़े हुए था और शीतलहर चल रही थी। इसकी वजह से तापमान काफी नीचे चला गया और लोग सुबह से ही गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।
सुबह के समय बच्चों को स्कूल और बड़ों को अपने काम और दफ्तर जाने में परेशानी रही। सर्दी की वजह से सरकारी कार्यालयों में लोग हाथ सेकते नजर आए। इसके अलावा इस सीजन में पहली बार बड़ी संख्या में लोगों ने अलावा का सहारा लिया।
दिन में कुछ देर के लिए हल्की धूप जरूर निकली थी, मगर उससे भी लोगों को सर्दी से राहत नहीं मिल सकी। सर्दी बढ़ने की वजह से बाजारों में कम लोग खरीदारी करने निकले, जिसकी वजह से कई बाजारों में कम भीड़ रही। इससे दुकानदारों को भी मायूस होना पड़ा।
स्कूलों के अवकाश की मांग उठी
सरकारी स्कूलों के शिक्षक महीनेभर से शीतकालीन अवकाश की मांग करते आ रहे हैं, मगर ठंड कम होने की वजह से प्रशासन अवकाश नहीं कर रहा था। अब अचानक से ठंड बढ़ जाने की वजह से स्कूलों के अवकाश की मांग भी तेज हो गई है। शिक्षक संगठनों ने शिक्षा अधिकारियों से अवकाश की मांग की है।
उधर, निजी पब्लिक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश दो दिन पहले ही खत्म हुआ है। अब स्कूल खुलते ही ठंड बढ़ने से बच्चों के साथ ही उनके पैरेंट्स भी चिंतित हैं। शुक्रवार को बच्चे गर्म कपड़ों में पूरी तरह से लिटकर स्कूल जाते नजर आए। सबसे अधिक परेशानी छोटी कक्षाओं के बच्चों को हो रही है।