सहारनपुर के देवबंद में दारुल उलूम की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा की बैठक में देशभर में फैली संस्था की वक्फ संपत्ति पर निगरानी के लिए कमेटी का गठन किया गया।
साथ ही अंग्रेजी विषय में अब द्विवार्षिक के बजाए प्रति वर्ष प्रवेश लेने और कर्मचारियों की पेय स्केल बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई। बुधवार को दारुल उलूम के मेहमानखाने में आयोजित मजलिस-ए-शूरा की बैठक में सर्वप्रथम शिक्षा प्रभारी ने तालीमी रिपोर्ट पेश की। साथ ही पिछले वर्ष की बैठक की कार्रवाई सदस्यों के समक्ष रखी गई।
जिस पर शूरा सदस्यों ने संतुष्टि जताई। सबसे पहले शूरा के सदस्यों के सामने बढ़ती महंगाई को लेकर पेय स्केल बढ़ाने का मुद्दा रखा गया। चर्चा के बाद इस पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया।
इसमें मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना गुलाम वस्तानवी और मौलाना मलिक मोहम्मद इब्राहिम शामिल रहेंगे। यह सदस्य कर्मचारियों के प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई कर शीघ्र अपनी रिपोर्ट शूरा को देंगे।
इसके साथ ही शूरा के सदस्यों ने छात्रों के अंग्रेजी विषय में रुझान को देखते हुए दो वर्ष में दिए जाने वाले दाखिलों को अब प्रतिवर्ष देने का निर्णय लिया गया।
देशभर में फैली संस्था की वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा के लिए भी मौलाना अनवारुल हक और मौलाना मलिक मोहम्मद इब्राहिम की अगुवाई वाली कमेटी बनाई गई। अध्यक्षता पूर्व मोहतमिम मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी ने की।
इस मौके पर मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी, मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना रहमतुल्ला कश्मीरी, मौलाना हकीम कलीम उल्लाह, मौलाना अनवारुलहक, मुफ्ती सईद अहमद पालमपुरी, मुफ्ती मोहम्मद इस्माइल मालेगांव, मुफ्ती अहमद खानपुरी आदि मौजूद रहे।