सहारनपुर। जिले की 46 सहकारी समितियों में 90 नियुक्तियों के मामले 42 कर्मचारी हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए। इन्होंने एआर को-ऑपरेटिव द्वारा कर्मचारियों का वेतन रोकने और काम न लेने के आदेश के खिलाफ स्टे के लिए याचिका दायर की है। तीन कर्मचारियों को पूर्व ही हाइकोर्ट से स्टे दे चुकी है।
सहकारी समितियों तैनात 42 कर्मचारी हाइकोर्ट पहुंच गए, जिन्होंने संयुक्त रूप से स्टे के लिए सोमवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। इस मामले में अदालत ने सुनवाई के लिए अभी तारीख नहीं दी है। सुनवाई के पश्चात अदालत इनको स्टे दे सकती है। क्योंकि, पूर्व में में कांसेपुर सहकारी समिति के कर्मचारी राहुल, मोहित और सूर्यकांत राठी ने हाईकोर्ट में एआर को-ऑपरेटिव के निर्देशों के विरुद्ध स्टे लिया था। वहीं, एआर को-ऑपरेटिव रवि शंकर भी हाईकोर्ट गए हैं, जिनकी 14 अगस्त की तारीख लगी है। सभापतियों के मुताबिक, कर्मचारी हाईकोर्ट गए हैं।
-
यह था मामला
जिले की 46 सहकारी समितियों 90 अस्थाई नियुक्तियां में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भाजपा के कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री शिकायत की थी। आरोप था कि आदर्श आचार संहिता के दौरान नियुक्तियां की गई। जिलाधिकारी ने जांच कमेटी गठित की थी। लखनऊ से आई टीम ने भी जांच की। इसके बाद चार एडीओ और चार एडीसीओ निलंबित किया था। तब, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री राज सिंह माजरा के साथ सभापतियों ने जिलाधिकारी और एआर को-ऑपरेटिव से मिलकर कहा था कि नियुक्तियां आदर्श आचार संहिता से पूर्व की हैं। जांच में सभापतियों के पक्ष को भी सुना जाए।