हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति एवं सहारनपुर के प्रशासनिक जज एसएस चौहान ने शनिवार को दीवानी कचहेरी परिसर में वीडियो कांफ्रेंसिंग हॉल का लोकार्पण किया। वीडियो कांफ्रेंसिंग हॉल बरने के बाद कैदियों को कोर्ट में लाने का झंझट भी खत्म हो गया है। एसीजेएम रजनीश त्यागी ने पहले ही दिन रिमांड का कार्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संपादित किया।
प्रशासनिक जज चौहान ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग हॉल के बनने के बाद कारागार से लाए जाने वाले मुल्जिमों को अब कचहेरी परिसर में नहीं लाना पड़ेगा। संबंधित रिमांड मजिस्ट्रेट के द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कारागार में निरुद्घ बंदियों से जानकारी ली जाएगी। इससे सरकार का काफी खर्च बचेगा, जो सुरक्षा बलों और कैदियों के कचहेरी परिसर में लाने और ले जाने पर होता है।
उन्होंने न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को इस तकनीक का प्रयोग अधिक से अधिक करने की अपील की, जिससे पक्षकारों को त्वरित न्याय दिलाया जा सके। जिला जज उमेश चंद्र त्रिपाठी ने पक्षकारों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ताओं का आह्वान किया।
इससे पहले प्रशासनिक जज एसएस चौहान ने रिबन काटकर वीडियो कांफ्रेंसिंग हॉल का उद्घाटन किया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार भी किया गया। कार्यक्रम में एके शर्मा, एसी पपनेजा, अमित पाल सिंह, रविंद्र कुमार, अनुराग गुप्ता, सत्यपाल सिंह, बबीता रानी, ओपी त्रिपाठी, ज्ञानचंद तिवारी, अय्याज अहमद, मुकेश सिंघल, संजय कुमार, फरहा मतलूब, रविकांत, सभाजीत यादव, दीपा राय, बृजेंद्र कुमार, गौरव शर्मा, अजय कुमार, मोहम्मद इलियास, रविंद्र कुमार, रजनेश, अरुणा सिंह, बीबी गर्ग, बिशंबर सिंह, राधेश्याम गुप्ता, सिद्घार्थ शंकर त्यागी, राहुल त्यागी आदि थे।