सहारनपुर। तीन दिसंबर का लिखित समझौता लागू करने की मांग को लेकर विद्युत कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। धरना दे रहे अभियंताओं और कर्मचारियों के सीयूजी मोबाइल नंबर रहे। जिससे फाल्ट या बिजली संबंधी परेशानी पर उपभोक्ता संपर्क न कर सके। मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंताओं के सीयूजी नंबर ही खुले रहे।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो बृहस्पतिवार रात 10 बजे से 72 घंटे तक हड़ताल की जाएगी।
बुधवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अभियंता, अवर अभियंता, विद्युत कर्मी और संविदा कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर घंटाघर बिजलीघर पर एकत्रित हुए। धरने को संबोधित करते हुए समिति संयोजक पुलकित टंडन ने कहा कि तीन दिसंबर 2022 के समझौते को लागू करने में शीर्ष ऊर्जा प्रबंधन गंभीर नहीं है। तीन महीने से अधिक हो गए, लेकिन अभी तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है। इसके साथ ही सामूहिक जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया। किसी भी परिस्थिति का पूर्ण उत्तर दायित्व ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन का होगा।
धरने में सह संयोजक जितेंद्र कुमार, रोबिन शर्मा, मितेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह, आदित्य कुमार, कार्तिक गुप्ता, प्रदीप यादव, सुधीर, मो. रजा, मो. मोबीन, नवीन सैनी, नवल किशोर, अनिल, रविकांत, अमित आदि मौजूद रहे।
डीएम-एसएसपी भी पहुंचे
विद्युत कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से जनपद के अफसर अलर्ट रहे। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा, एडीएम प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट अनिरुद्घ प्रताप सिंह, एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक, एसपी देहात सागर जैन और विद्युत निगम के मुख्य अभियंता एके आत्रेय, अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार ने कर्मचारियों की हर गतिविधियों पर नजर रखी।