सहारनपुर में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच दिल्ली-सहारनपुर रेल लाइन के दोहरीकरण और विद्युतीकरण परियोजना का शिलान्यास कर भाजपा वेस्ट यूपी में अब अपना माहौल बनाने की कवायद करेगी।
एक के बाद एक रेल परियोजनाओं के जरिए भाजपा वेस्ट यूपी में अपनी चुनावी बिसात बिछाने की पूरी कोशिश करेगी। यही कारण है कि एक साल में रेल मंत्रालय ने सहारनपुर सहित बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ सहित अन्य रेलवे स्टेशन पर बाकायदा कार्यक्रम कराकर विकास कार्यों से माहौल अपने पक्ष में बनाने की पूरी कोशिश की है।
दरअसल, दिल्ली से सहारनपुर वाया शामली और वाया मेरठ रेलवे लाइन की कनेक्टविटी बहुत ही खराब रही थी। सिंगल लाइन होने के कारण 200 किलोमीटर का सफर ट्रेन से चार से पांच घंटे तक में पूरा होता है।
भाजपा सरकार बनने के बाद से वेस्ट में बदहाल पड़ी रेल लाइनों पर केन्द्र सरकार ने एक के बाद एक घोषणाएं कर माहौल बना लिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा अपने मुद्दों में रेल लाइनों पर कराए गए कामों को भुुनाने की भरसक कोशिश करेगी।
सांसद राघव लखनपाल शर्मा का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि रेल मंत्री एक जिले में एक साल में कई बार दौरा कर चुके हों। पहले देवबंद रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण कराया गया।
सहारनपुर स्टेशन पर यात्री सुविधाएं बढ़ाई गई और अब पूरे वेस्ट यूपी को दिल्ली से जोड़ने वाली सौगात देकर केंद्र सरकार ने अपने विकास के वादे को पूरा किया है। इन बातों को विधानसभा चुनाव में जनता के बीच ले जाएंगे।
सहारनपुर में रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के कार्यक्रम के दौरान देश का ज्वलंत मुद्दा बने नोटबंदी पर कोई बात नहीं हुई। उम्मीद जताई जा रही थी कार्यक्रम के मंच से रेल राज्यमंत्री या सांसद इस मुद्दे पर बात कहेंगे। मगर, रेल राज्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान यह मुद्दा पूरी तरह गायब रहा।