गागलहेड़ी में कमेले पर सील लगाते अधिकारी।
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सहारनपुर। प्रदेश की महंत आदित्यनाथ योगी सरकार के सख्त आदेश के बाद आखिरकार बुधवार को गागलहेड़ी का एएलएम मीट प्लांट पर सील लगा दी गई।
एक दिन पहले जांच के नाम पर खानापूर्ति कर लौटे अधिकारियों ने फजीहत के बाद बुधवार को सुबह ही प्लांट में पहुंचे और सील की कार्रवाई में जुट गए। बृहस्पतिवार को पशु चिकित्सा एवं प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अफसर फैक्ट्री पहुंचे और जांच पड़ताल के बाद उसे सील कर दिया। फैक्ट्री सील करते समय भी बड़ी संख्या में जिंदा पशु मौजूद थे जिन्हें वापस भेजने के निर्देश मालिक को दे दिए गए हैं।
उधर सील कार्रवाई की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ प्रबन्धन के इशारे पर सुरक्षा कर्मचारियों ने बदसलूकी की।
शासन के सख्त आदेश के बाद बुधवार को प्रशासनिक टीम ने गागलहेड़ी स्थित मीट प्लांट का दौरा किया था। वहां भारी अनियमितता के बाद भी अफसरों ने उसे क्लीन चिट देने की पूरी कोशिश की। मगर, मीडिया ने मीट प्लांट की अनियमितता और मनमानी को उजागर किया। इसके बाद बृहस्पतिवार को सुबह ही सिटी मजिस्ट्रेट हरिशंकर सिंह और एसडीएम सदर रामविलास यादव दोबारा पूरी टीम के साथ हरौड़ा स्थित एएलएम प्लांट पहुंचे।
जांच में पाई गई गंभीर अनियमितताओं के चलते प्लांट का स्लाटर हाउस, पशुओं को लाने और ले जाने वाला गेट सील कर दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट हरिशंकर सिंह ने बताया कि फैक्ट्री के पशुओं के एंट्री गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे बन्द पाये गये। इससे पशुओं की गिनती होना संभव नहीं है। पशुओं की हड्डी पीसने वाला रेंडिंग प्लांट बंद पाया गया। पशु कटान में अत्याधिक जल दोहन के लिए केन्द्रीय विभाग से परमिशन नहीं ली गई है। साथ ही पशु कटान के बाद बचे अपशिष्ट को ठिकाने लगाने के लिए इन्तजाम नहीं पाये गये। जब प्लान्ट को सील किया गया तब भी फैक्ट्री में बडी संख्या में जिंदा पशु मौजूद थे। जिन्हें वापस भेजने के निर्देश प्लांट मालिक को दिए गए। निर्देशों का पालन नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
इस बाबत जानकारी करने पर एसडीएम सदर रामविलास यादव ने बताया कि प्लांट मालिक को इस बाबत निर्देश दिए गए है। मालिक ठेकेदारों के माध्यम से जिंदा पशुओं को वापस भेज रहा है। उधर, फैक्ट्री को सील करते समय पत्रकारों के साथ फैक्ट्री प्रबंधन के इशारे पर सुरक्षाकर्मियों ने बदसलूकी की। उन्हें फैक्ट्री के फोटो खींचने से मना करते हुए फैक्ट्री से बाहर निकाल दिया गया। माना जा रहा है कि फैक्ट्री में बहुत कुछ ऐसा था जिसको सामने नहीं आने दिया गया।