सहारनपुर के बेहट में यमुना नदी में यूपी की सीमा में आकर अवैध खनन कर रहे हरियाणा के आठ मजदूर हथनीकुंड़ बैराज से छोड़े गए एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी के कारण टापू पर फंस गए।
चौतरफा पानी होने के कारण उन्हें बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल सका। इसकी खबर लगते ही दोनों राज्यों के तटवर्ती गांवों के लोगों की भीड़ किनारों पर जमा हो गई।
खबर लगते ही दोनों राज्यों के पुलिस प्रशासनिक अधिकारी भी अपनी-अपनी तरफ किनारों पर पहुंच गए। करीब सवा दो घंटे बाद सरसावा एयरफोर्स स्टेशन से वायुसेना का हेलीकॉप्टर पहुंचा, जिससे मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
थाना मिर्जापुर क्षेत्र के गांव कोठड़ा के सामने यमुना नदी में यूपी की सीमा में हरियाणा के तटवर्ती गांवों के करीब आठ मजदूर अवैध खनन कर खनिज सामग्री ट्रैक्टर-ट्रालियों में भर रहे थे।
बताया गया है कि सुबह से ही मजदूर अवैध खनन करने में लगे हुए थे। दोपहर करीब 12 बजे हथनीकुंड़ बैराज पर जलस्तर बढने के बाद 81584 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते एक घंटे बाद 133126 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
दो बजे 154046 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे अवैध खनन कर रहे सभी मजदूर चौतरफा पानी से घिर गए। जिस जगह मजदूर खनन कर रहे थे, वह एक टापू है, जिससे सभी मजदूर सुरक्षित रहे।
पानी आने से पहले ही यमुना से निकले दूसरे मजदूरों ने टापू पर फंसे मजदूरों की सूचना अपने राज्य के प्रशासन को दी। इधर कोठड़ा गांव से बेहट तहसील प्रशासन को भी यमुना नदी में मजदूरों के फंसने की खबर की गई।
दोनों राज्यों के तटवर्ती गांवों के लोगों की किनारों पर भीड़ लग गई। दोनों राज्यों के स्थानीय पुलिस प्रशासनिक अधिकारी भी अपनी-अपनी तरफ किनारों पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया।
अफसरों ने सरसावा एयरफोर्स स्टेशन से संपर्क साधा और वायुसेना का हेलीकॉप्टर शाम 4 बजकर 8 मिनट पर यमुना नदी के ऊपर उड़ान भरी। चार मिनट की उड़ान भरने के बाद हेलीकॉप्टर टापू पर फंसे सभी आठ मजदूरों को सुरक्षित निकालकर ले गया।
इसके बाद ही दोनों राज्यों के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। एसएसपी प्रदीप यादव ने बताया कि हरियाणा के आठ लोग अवैध खनन कर रहे थे। अचानक पानी आने से फंस गए थे।
उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है और हरियाणा के अधिकारियों से उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए बात की गई है।