सहारनपुर। अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मित्र फिर से सक्रिय हो गए हैं। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने कैराना सांसद प्रदीप चौधरी को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा है। जिसमें शिक्षा मित्रों को स्थाई करने के साथ ही 40 हजार रुपये मासिक वेतन सहित अनेक मांगें रखी हैं।
जिलाध्यक्ष नरेश कुमार ने सांसद को बताया कि शिक्षा मित्र 20 वर्ष से अधिक समय से विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह शिक्षकों के बराबर मेहनत करते हैं। अनेक स्नातक और बीटीसी उत्तीर्ण हैं। ऐसे में उनको समान कार्य के हिसाब से समान वेतन मिलना चाहिए। लेकिन संगठन फिर भी बराबर नहीं तो कम से कम 40 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग करता है, जिससे शिक्षा मित्र और उनके परिवार सम्मानजनक जीवन जी सकें।
उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण अनेक शिक्षा मित्र आत्महत्या जैसा कदम उठा चुके हैं। भविष्य में कोई शिक्षा मित्र ऐसा न करे इसके लिए सरकार को सोचना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में सुशील चौधरी, आसाराम, अरविंद, मोहर सिंह, प्रदीप, शिव कुमार, रामेश्वर, अमित, विकास, टीटू, गुबहार, बबीता, सुनीता आदि शामिल रहीं।
शिक्षा मित्रों की प्रमुख मांग
- 62 वर्ष की आयु तक स्थाई कर 40 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए।
- महिला शिक्षा मित्रों को उनकी ससुराल के निकट विद्यालय दिया जाए।
- शिक्षकों की तरह मेडिकल अवकाश की सुविधा दी जाए।
- आकस्मिक अवकाश को शिक्षकों की तरह एक जनवरी से 31 दिसंबर तक मान्य किया जाए।
- कोर्ट ने शिक्षकों को पैरा शिक्षक माना है, पैरा शिक्षक का वेतनमान 38,838 लागू किया जाए।