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एडी बेसिक ने फिर शुरू की जांच, कई की बढ़ेगी मुश्किल

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सहारनपुर। एडी (बेसिक) ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में गड़बड़ी की जांच पुन: शुरू कर दी है। इस संबंध में विभाग के बड़े अधिकारियों के साथ ही वार्डनों और जिला समन्वयक से पूछताछ की गई है। जांच के पुन: शुरू होने से कई अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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वर्ष 2019 में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की ही एक शिक्षिका ने राज्य परियोजना निदेशक को तीन पन्नों का शिकायती पत्र भेजा। इसमें उन्होंने कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती, विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म, जूते, मौजों और अन्य सामग्री खरीदने तथा अन्य प्रकार की गड़बड़ी होने के आरोप लगाए थे। शिकायत को गंभीरता से लेकर राज्य परियोजना निदेशक ने एडी बेसिक को जांच के निर्देश दिए । जांच में क्या रहा है, इसका किसी को नहीं पता, मगर जिला समन्वयक बालिका शिक्षा आदित्य नारायण शर्मा की मानें तो जांच में उन्हें क्लीन चिट मिली थी। अब अनामिका शुक्ला प्रकरण सामने आने के बाद मौजूदा एडी बेसिक योगराज सिंह ने बीते वर्ष की गई शिकायत की पुन: जांच शुरू कर दी है। उन्होंने इस संबंध में बीएसए, जिला समन्वयक, कई वार्डनों और शिक्षकों से बात की है। विभागीय सूत्रों की मानें तो जांच से संबंधित अधिकारी परेशान नजर आ रहे हैं।
यह थी शिकायतें
कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में फर्जी नियुक्ति।
विद्यालयों से 15 से 20 हजार रुपये माह धन उगाही।
फर्जी बिलों के भुगतान।
शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न, जिसके चलते शिक्षक द्वारा इस्तीफा देना।
छात्राओं को दूध, सब्जी, फल आदि से वंचित रखना।
विद्यालयों की रंगाई पुताई, टूटफूट आदि में धांधली आदि।
बीते वर्ष एक महिला शिक्षक ने राज्य परियोजना निदेशक से शिकायत की, इसमें कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की गड़बड़ी होने की बात कही गई थी। मामले की जांच मेरे द्वारा पुन: शुरू कर दी। यदि आरोप सच साबित होते हैं तो जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। - योगराज सिंह, एडी (बेसिक)।
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