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बैग, जूते और विज्ञान किट बंद डिब्बों में देखकर भड़के एडीए बेसिक

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सहारनपुर। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अव्यवस्था और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन न किए जाने पर एडी बेसिक योगराज सिंह का पारा चढ़ गया। उन्होंने जहां संबंधित प्रधानाध्यापकों के वेतन रोकने के निर्देश जारी किए वहीं लापरवाह दो प्रधानाध्यापकों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रस्ताव मांग लिया। एडी बेसिक द्वारा की गई कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।
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एडी बेसिक योगराज सिंह ने शुक्रवार को जनपद के कई परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। सबसे पहले एडी बेसिक संविलियत विद्यालय सांवलपुर नवादा पहुंचे। जहां विद्यालय परिसर में गंदगी पसरी थी वहीं सामान अव्यवस्थित तरीके से पड़ा मिला। इतना ही नहीं कमरों में 16 स्कूल बैग और 16 जोड़ी जूते रखे मिले, जो विद्यार्थियों को वितरित किए जाने थे। मिड-डे-मील का पैसा भी अभी तक सभी बच्चों के अभिभावकों के खातों में नहीं भेजा गया। एक हैंडपंप खराब मिला, जबकि दूसरे का पानी पीने योग्य नहीं बताया गया। शिक्षकों द्वारा ई-पाठशाला कार्यक्रम में भी रुचि नहीं ली जा रही है। अपेक्षाकृत छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा से नहीं जोड़ा गया है। अव्यवस्थाओं पर प्रधानाध्यापिका मिथलेश कुमारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। जिसपर एडी बेसिक ने उनकी वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
उच्च प्राथमिक विद्यालय सांवलपुर नवादा के कक्षों को खुलवाकर देखा तो पाया कि विभाग द्वारा छात्रों के लिए भेजी गई विज्ञान किट करीब चार साल से खोली ही नहीं गई। जबकि किट में विज्ञान उपकरणों की सहायता से विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रयोग कराए जाने थे। यह किट प्रधानाध्यापिका बेइला देवी द्वारा खरीदी गई थी। बेइला देवी द्वारा ई-पाठशाला में भी रुचि नहीं ली जा रही है। इसलिए उनके अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रस्ताव मंगा लिया है।
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शिक्षिका सीमा द्वारा विज्ञान किट का प्रयोग न किए जाने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की बात कही है। उच्च प्राथमिक विद्यालय छिदबना में मैथ किट की नौ पेटी, अभ्यास पुस्तिकाओं की चार पेटी रखी मिली। प्रधान अध्यापक श्यामलाल ने बताया कि यह सामग्री अन्य विद्यालयों में वितरित की जानी थी, जो अभी तक नहीं की गई है। निरीक्षण में विद्यालय का इन्वर्टर भी खराब मिला। 29 बच्चों को मिड-डे- मील की धनराशि नहीं भेजी गई है। श्यामलाल की भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रस्ताव मंगाने की बात कही गई है।
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