मदरसा जामिया सत्तारिया में तकरीर करते मौलाना खलीलुर्रहमान सज्जाद नौमानी। संवाद
सहारनपुर, छुटमलपुर। मदरसा जामिया सत्तारिया फैजुर्रहीम में आयोजित शिक्षा जागरुकता सम्मेलन में उलेमा ने कहा कि मुसलमान एक रोटी कम खाएं लेकिन अपने बच्चों को हर सूरत में तालीम दिलाएं। तालीम ही तरक्की के रास्ते खोलती है।
नानका गंदेवड़ा स्थित मदरसा परिसर में मंगलवार की रात आहूत सम्मेलन का आगाज कारी मो. सुफियान ने कलाम ए पाक की तिलावत से किया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मौलाना खलीलुर्रहमान नोमानी ने कहा कि तालीम के मामले में मुसलमान अभी भी पिछड़ा हुआ है। जब तक हम इल्म हासिल नहीं करेंगे जिदंगी में कोई भी मुकाम नहीं पा सकते। जामिया मजाहिर उलूम सहारनपुर के मुफ्ती महमूद आलम ने कहा कि इल्म से दूर होकर इंसान भटक जाता है।
दारुल उलूम देवबंद से आए मौलाना मुहम्मद सलमानी और जमीयत उलेमा सहारनपुर के सदर मौलाना हबीबुल्लाह मदनी ने कहा कि नशा खोरी और ब्याज के कारोबार से दूर रहें। शादी विवाह की रस्मों को शरीयत के हिसाब से निभाएं। गैर मजहबी तौर तरीकों से दूर रहें। बच्चों को नमाज पढ़ने की आदत डाले। इससे सारी मुश्किलात हल होंगी। सदारत जामिया के प्रबंधक हाफिज जमील अहमद नानकवी ने की। सम्मेलन की समाप्ति पर कौम और देश की तरक्की की दुआ कराई गई।
इस दौरान अध्यक्ष हाजी मो. इकराम, इशहाक, पूर्व प्रधान शमीम अहमद, अब्दुल वाजिद, अशफाक, डाॅ. नफीस, हाजी खलील अहमद, मौलाना तैयब, मौलाना अमजद, शहजोर, मुफ्ती सलीम अहमद, अनीस उर्रहमान आदि रहे। सम्मेलन के दौरान मदरसे के बाहर मेले सा नजारा रहा। चाट पकौड़ियों और खिलौनों की दुकानें सजीं जिन पर देर रात तक रौनक बनी रही।