फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: भूकंप जैसे झटके लगे, हिलने लगा मकान, धमाके से दहल गया इलाका

Sat, 25 Jul 2026 12:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
विज्ञापन
फैक्टरी में विस्फोट में क्षतिग्रस्त कमरा। 
विज्ञापन
सहारनपुर। तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। ऐसा लगा जैसे भूकंप के झटके लग रहे हो। सोचा कि बिजलीघर में आग लग गई है कोई बड़ा ट्रांसफार्मर फट गया। विस्फोट की गूंज पांच किलोमीटर तक सुनाई दी। फैक्टरी के आसपास गांव में मकान की दीवारों में दरार तक आ गई। पूरा इलाका धमाके से दहल गया। इस हादसे के बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने पूरा घटनाक्रम बयां किया।
विज्ञापन

शुक्रवार शाम कुंडाबसी स्थित पटाखा फैक्टरी में धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे से करीब चार किलोमीटर दूर घर में बैठे दर्शन सिंह ने बताया कि सबकुछ सामान्य था। शाम करीब चार बजे तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। ऐसा लगा कि भूकंप आ गया है। जमीन तक कांप गई। मकान भी हिल गया था। लगा कि बिजलीघर में आग लग गई है और कई ट्रांसफार्मर एक साथ फट गए। बाद में पता चला कि पटाखा फैक्टरी में आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शी और फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर सूरज ने बताया कि हम लोग फैक्टरी के अलग हिस्से में काम कर रहे थे, जहां पर पटाखों का मसाला बनता है। फैक्टरी में स्थानीय लोग भी काम करते हैं। जिस समय धमाका हुआ, वह उस जगह से अलग थे। इसीलिए जान बच गई।
विज्ञापन

मजदूर नितीश का कहना है कि एक सप्ताह से फैक्टरी में काम कर रहा हूं। दूसरी साइड में काम कर रहा था। जिस समय धमाका हुआ, उसे कुछ भी समझ नहीं आया कि किधर भागे। बाद में सड़क की तरफ भागकर जान बचाई। वहीं, धमाका इतना तेज हुआ था कि कुंडाबसी ही नहीं बल्कि आसपास के गांव में मकानों में दरारें आ गई थी। लोग घरों से बाहर निकल आए थे।

450 रुपये मिलती थी मजदूरी
फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि प्रतिदिन की मजदूरी 450 रुपये मिलती है। अधिकांश मजदूर बाहर के रहने वाले है। इसलिए सभी फैक्टरी में ही रहते हैं। स्थानीय मजदूर काम निपटने के बाद घर चले जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें