फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: पहले रुकती थीं बसें, अब रुक गईं बाजार की उम्मीदें

Mon, 16 Feb 2026 01:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
बिहारीगढ़। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का फ्लाईओवर चलने के बाद बिहारीगढ़ के पचास साल पुराने पकौड़ी बाजार में सन्नाटा सा पसर गया है। कभी आधी रात तक खरीदार यात्रियों से गुलजार रहने वाले इस बाजार में अब दिन में भी ग्राहकों का टोटा बन गया है। तीन पीढि़यों से कारोबार कर रहे विक्रेताओं के सामने अपने इस पुस्तैनी कारोबार की बंदी का संकट मंडराने लगा है।
विज्ञापन

दरअसल, करीब पचास साल पहले इस बाजार की शुरूआत एक दुकान से हुई थी, जो बढ़ते-बढ़ते पचास से भी ज्यादा दुकानों के भरे पूरे बाजार में तब्दील हो गया है। बिहारीगढ़ का प्रसिद्ध पकौड़ी बाजार कभी दिल्ली और देहरादून जाने वाले यात्रियों की पहली पसंद हुआ करता था। खासकर जब पुराना हाईवे गुजरता था, तब यहां रुककर गरमा-गरम पकौड़ियों का स्वाद लेना एक परंपरा सी बन गई थी। उस वक्त निजी वाहन हो या फिर रोडवेज बसें सभी यहां रुककर जरूर जाते थे। यहां से गुजरने वाले राजनेता और फिल्मी हस्तियां भी बिहारीगढ़ की पकौड़ियों के स्वाद की दिवानी रहीं हैं, लेकिन अब सब पहले जैसा नहीं रहा।
दिल्ली-देहरादून ग्रीन एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान बिहारीगढ़ में एक किमी लंबा फ्लाईओवर बना दिया गया है। इससे बिहारीगढ़ और इसका प्रसिद्ध पकौड़ी बाजार फ्लाईओवर के नीचे आ गया। इस साल जनवरी से फ्लाईओवर वाहनों के लिए खोल दिया गया था। कभी दिन भर वाहनों की आवाजाही से गुलजार रहने वाले बाजार में अब पर्यटकों के वाहनों का टोटा पड़ गया है। ज्यादातर वाहन प्लाईओवर से गुजर जाते हैं। इस कारण दुकानदारी पर काफी असर पड़ रहा है।
विज्ञापन


-

बोले पकौड़ी विक्रेता :

-पकौड़ी दुकानदार अनिल मित्तल का कहना है कि पहले दिन भर दुकानों पर भीड़ लगी रहती थी। आज दिन भर बाजार में सन्नाटा छाया रहता है, जिससे यह बाजार मंदी के दौर से गुजर रहा है ।

- राजकुमार सैनी का कहना है कि ग्रीन एक्सप्रेसवे बनने से पहले उनकी दुकान पर तीन से चार कर्मचारी कार्य करते थे। मंदी के कारण युवाओं के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। काम न होने के कारण स्वयं अपनी दुकान चला रहे हैं।
- देवेंद्र कुमार का कहना है कि ग्रीन एक्सप्रेसवे ने यात्रा को तेज और सुगम जरूर बनाया, लेकिन पुराने मार्ग पर बसे छोटे व्यापारियों पर इसका सीधा असर पड़ा है।
-पकौड़ी दुकानदार ऋषिपाल बताते हैं कि यदि प्रशासन द्वारा सही रणनीति अपनाई जाए तो यह पकौड़ी बाजार फिर से अपनी पहचान और रौनक हासिल कर सकता है, अन्यथा इसे बंद करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें