सहारनपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षण संस्थाओं में ई-सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। खास यह है कि ई-सुविधा केंद्र सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे खुले रहेंगे, जिनमें विद्यार्थियों को कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। हालांकि इस सुविधा के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित शुल्क भरना होगा। इस संबंध में प्रकोष्ठ का भी गठन प्रत्येक संस्थान में किया जाना है।
मां शाकंभरी विश्वविद्यालय के कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अहम भाग है। इसके लिए प्रत्येक महाविद्यालय या निजी संस्थान में प्रकोष्ठ बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह संस्थान की जिम्मेदारी रहेगी कि वह अपने क्षेत्र के अंतर्गत या संस्था के अंदर पीपीपी के आधार पर ई-सुविधा केंद्र की स्थापना करे, जिससे विद्यार्थियों को न्यूनतम दर पर 24 घंटे कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा मिले। ई-सुविधा केंद्र के विभिन्न कार्यों की दर सुनिश्चित करनी होगी (कैंटीन की तरह) जिससे छात्रों का शोषण ना हो। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश ऑनलाइन शिक्षा नीति के अनुरूप भी संस्थानों को अनेक कार्य कराने होंगे। विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों को अवगत कराना होगा तथा उसके लिए उन्हें प्रेरित करना होगा।
पुस्तकालयों में उपलब्ध होंगे प्री-लोडेड टैबलेट
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षण संस्थाओं के पुस्तकालयों में विद्यार्थियों को प्री-लोडेड टैबलेट उपलब्ध होंगे, जिससे वह विभिन्न विषयों को ऑनलाइन पढ़ सकेंगे। संस्थानों के सभी विभागों का डिजिटिलाइजेशन होगा। साथ ही संस्थानों में ई-लर्निंग पार्क भी विकसित किए जाएंगे।