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Saharanpur News: सड़कों पर धूल का गुबार, लोग हो रहे बीमार

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सहारनपुर में घने कोहरे में आती ट्रेन - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। शहर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों को करने में स्मार्ट तकनीक नहीं अपनाई जा रही है। कार्यदायी संस्थाओं के पास जनता को धूल और धूल के कारण होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए कोई बंदोबस्त नहीं है। इसका खामियाजा जनता भुगत रही है। धूल से बचने के लिए लोगों को अपने घरों और प्रतिष्ठानों के सामने तिरपाल लटकानी पड़ रही है। कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
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नियम यह है कि ऐसा धूल उड़ने वाले निर्माण कार्य को तिरपाल लगाकर करना चाहिए। एनजीटी भी धूल उड़ने को लेकर सख्त है। महानगर में बीते करीब एक साल से सीवर लाइन डालने और सड़कें बनाने का कार्य चल रहा है। एसएएम इंटर कॉलेज से अंबाला रोड स्थित मेला गुघाल पुल तक काम चल रहा है। मंडलायुक्त कई बार निर्माण एजेंसी को पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दे चुके हैं, जिससे धूल न उड़े, लेकिन उनके निर्देशों की भी लगातार अनदेखी की जा रही है। नतीजा यह है कि घंटाघर और उसके आसपास खोदी गई सड़कों पर दिन भर वाहन दौड़ने से धूल उड़ रही है। इससे एक ओर जहां स्थानीय व्यापारियों का काम प्रभावित हो रहा है। वहीं लोग बीमार हो रहे हैं। राहगीरों को भी धूल के गुबारों के बीच से गुजरने में परेशानी रहती है। अपने प्रतिष्ठानों और दुकानों को धूल से बचाने के लिए लोगों ने तिरपाल तक लटका ली है, जबकि जिस दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर आए थे उस समय उनके काफिले को धूल से बचाने के लिए पूरे मार्ग पर तिरपाल लगा दी गई थी, लेकिन उनके लौटते ही तिरपाल समेट ली गई।
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शहीद ए आजम की प्रतिमा की अनदेखी
जनता के हितों की अनदेखी ही नहीं हो रही है, बल्कि शहीद ए आजम भगत सिंह की प्रतिमा को भी अनदेखा किया जा रहा है। विकास की इस दौड़ में निर्माण एजेंसी और स्मार्ट सिटी के अधिकारी शहीद ए आजम भगत सिंह की प्रतिमा का सम्मान भूल गए हैं। घंटाघर चौक के बीचोंबीच खड़ी आदम कद प्रतिमा पर कईं माह से धूल चढ़ रही है। शहीद ए आजम भगत सिंह को अपना आदर्श मानने वाले और जूनियर भगत सिंह के नाम से जाने जाने वाले विजयकांत चौहान घंटाघर पर लगी भगत सिंह की प्रतिमा की अनदेखी से आहत हैं। उनका कहना है कि प्रतिमा के ऊपर छतरी बनवाने और उसको कांच से कवर कराने की मांग वह कई बार नगर निगम अधिकारियों के सामने रख चुके हैं। अब प्रतिमा पर धूल जमी हुई है, जो भगत सिंह का अपमान है।
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सीवर लाइन डालने के बाद सड़क का निर्माण काफी हद तक किया जा चुका है। जहां कार्य बाकी है वहां धूल को उड़ने से रोकने के लिए कार्यदायी संस्था को पानी का छिड़काव करने को कहा गया है। रही बात शहीद ए आजम की तो वह हम सबके आदर्श हैं और उनकी प्रतिमा की नियमित रूप से धुलाई कराई जाएगी। - अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।
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