सहारनपुर। ग्रामीण अंचल में आबादी की भूमि एवं मकानों के स्वामित्व प्रमाणपत्र बनाने के लिए सर्वे में तेजी आई है। जिले में ड्रोन के जरिए सर्वे चल रहा है। जिसमें अब तक 721 राजस्व ग्रामों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। इनमें 100 से अधिक ग्रामों के डिजिटल मानचित्र तैयार हो गए हैं। जिसके चलते जल्द ही ग्रामीणों को आबादी की भूमि के स्वामित्व प्रमाणपत्र मिल सकेंगे।
गांवों में आबादी की भूमि को लेकर विवाद सामने आते हैं। ऐसे विवादों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत सर्वेक्षण कराया जा रहा है। वैसे तो जिले में 884 ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन स्वामित्व योजना के तहत जनपद के कुल 1070 राजस्व गांवों में यह सर्वे होना है। इसके लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा राजस्व विभाग के सहयोग से टीम सर्वे कर रही हैं। दो टीमें ड्रोन के साथ लगाई गई हैं। सर्वेक्षण होने पर आपत्तियों का निस्तारण होगा। इसके बाद संबंधित ग्रामीण को स्वामित्व प्रमाण पत्र (घरौनी) उपलब्ध कराए जाएंगे।
ये होंगे फायदे
ग्रामीणों को ऋण और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में प्रयोग करने के लिए घरौनी महत्वपूर्ण होगी।
ग्रामों में आबादी वाले क्षेत्र का निर्धारण और नियोजन के लिए सटीक अभिलेख तैयार हो जाएगा।
सर्वेक्षण से तैयार नक्शों का उपयोग किसी भी विभाग द्वारा योजनाओं के लिए किया जा सकेगा।
मानचित्रों का उपयोग करते हुए बेहतर गुणवत्ता वाली ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार करने में मदद मिलेगी।
संपत्ति संबंधी विवादों और कानूनी मामलों को कम किया जा सकेगा।
वर्जन
जनपद में 721 गांवों का सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है। सर्वे में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जिससे ग्रामीणों को जल्द ही स्वामित्व प्रमाण पत्र हासिल हो सकें। सर्वेक्षण को पूरी पारदर्शिता से कराया जा रहा है।-अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी