हैंडपंप और पाइप लाइन उखड़ने से पेयजल संकट
बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। कस्बे में फोन लेन निर्माण के दौरान सड़क किनारे खड़े हैंडपंपों और पेयजल पाइप लाइनों को उखाड़ने के कारण ग्रामीण पेयजल को तरस गए हैं। दो साल बाद भी उखाड़े हैंडपंपों को न लगाने और पाइप लाइन ठीक न होने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश है।
दो वर्ष पूर्व कस्बे के मध्य से गुजर रहे फोर लेन हाईवे निर्माण के दौरान कस्बे में सड़क किनारे लगे पीने के पानी के सात सरकारी हैंडपंपों और पेयजल पाइप लाइनों को उखाड़ा। इसकी जगह नये हैंडपंप नहीं लगाए जा सके हैं। दूसरी तरफ जल निगम के नलकूप की पेयजल सप्लाई भी बंद पड़ी है। इससे कस्बे में पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। कस्बा निवासी कुंवर सिंह सिद्धू, मदन पाल, राजेश, संजय कुमार, डॉ. अमरीश, नगेंद्र कुमार आदि ने बताया जब भी पानी की आपूर्ति के लिए जल निगम के अधिकारियों से बात करते हैं तो वह हैंडपंप उखाड़ने के लिए फोर लेन हाईवे के कंपनी के अधिकारियों की जिम्मेदारी बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। उन्होंने कहा उनके घरों में लगे हैंडपंप 15 से बीस फुट की गहराई में लगे हैं जो दूषित पानी दे रहे हैं। इस पानी से यदि कपड़ों की भी धुलाई की जाती है तो वह भी पीले पड़ जाते हैं। ग्रामीणों ने जल्द ही पेयजल की व्यवस्था न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
इस संबंध में फोर लेन हाईवे कंपनी के जेई अंकित चौहान ने बताया विभाग की ओर से कनेक्शनों की लिस्ट जारी नहीं हुई है। वह एक-दो दिन में लिस्ट मिलते ही पाइप लाइनों की मरम्मत करा कर कनेक्शन चालू करा देंगे। इससे शीघ्र ही पानी की सप्लाई सुचारु हो जाएगी।