संविदा सफाईकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में सामान्य और ओबीसी वर्ग को शामिल करने के विरोध में आंदोलन कर रहे संगठनों ने सामान्य और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के सामने भर्ती से पहले नाले और सीवर साफ करके दिखाने की शर्त रखी है। अन्यथा की स्थिति में मांग न माने जाने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है। बुधवार को भी नगर निगम परिसर में धरना जारी रहा। इस दौरान नगरायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा।
उत्तर प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी संघ और अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस शुरू से ही सफाईकर्मियों की भर्ती में सामान्य और ओबीसी वर्ग को शामिल करने का विरोध कर रहे हैं। कई दिनों से नगर निगम परिसर में धरना भी चल रहा है। कर्मचारी नेता बाबूराम बेधड़क ने कहा कि वाल्मीकि समाज के लोग कम वेतन पर सफाई कार्य को करते आ रहे हैं।
राजकुमार, महेंद्र, अनवर, पोनीराम, रमेश, सुनील, तिलकराज आदि ने कहा कि सरकार को भर्ती से पहले सामान्य और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों का एक-एक महीने का ट्रायल लेना चाहिए, जिसमें उनसे नली और नाले और सीवर की सफाई#कराई जानी चाहिए।
इस ट्रायल में जो भी लोग बेहतर काम करें उन्हें ही भर्ती किया जाए। इस दौरान संगठनों की ओर से नगरायुक्त डॉ. नीरज शुक्ला को सपा मुखिया और मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन भी दिया गया। प्रदर्शनकारियों में अमरीश, मोहर सिंह, अशोक ठेकेदार, सुरजीत, विकास केसला, अमित आदिवाल, रूपेश, सुशील, तेजपाल, विनोद, राकेश, कंवलदास, कुलदीप आदि शामिल थे।
संघर्ष समिति बनाई
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ ने सफाईकर्मियों की भर्ती में सामान्य और ओबीसी को शामिल करने के लिए प्रदेश सरकार की निंदा की है। संगठन के नेता सोनी आजाद ने दोनों वर्गों को भर्ती प्रक्रिया से अलग न करने की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। आंदोलन के लिए संघर्ष समिति का भी गठन किया गया है।
समिति में राजकुमार घावरी, धीरज आजाद, सुनील चौधरी, राज पहलवान, सोनी आजाद, साथी लक्ष्मण, महेंद्र बिरला, राजकमल गौतम, तिलकराम बौहत, सतीश आदिवाल, अशोक तेश्वर, नरेश प्रेमी, अनुज बोहत, अर्जुन वाल्मीकि, बबलू बोहत, सोनू पहलवान, अश्वनी तेश्वर को शामिल किया गया है।