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वुड कार्विंग कलस्टर की डीपीआर की प्रक्रिया शुरू

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उपायुक्त उद्योग के कार्यालय में हुई बैठक
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वुड कार्विंग उद्यमियों से भी लिए गए सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। वुड कार्विंग के लिए पिलखनी में बनने वाले कलस्टर को लेकर कवायद तेज हो गई है। कलस्टर के निकट ही बनने वाले कॉमन फैसिलिटी सेंटर का नक्शा शासन को भेजा जा चुका है। वहीं कलस्टर की डीपीआर बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
पिलखनी में करीब 240 बीघा से ज्यादा भूमि पर वुड कार्विंग कारोबारियों का कलस्टर बनना है, उसकी डीपीआर बनाने के संबंध में बुधवार को उपायुक्त उद्योग के कार्यालय पर बैठक हुई, जिसमें वुड कार्विंग कारोबारियों के कलस्टर में सड़कें, चहारदीवारी, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम और रॉ मैटीरियल बैंक के नक्शे को लेकर चर्चा हुई। उद्यमियों से सुझाव लिए गए कि कलस्टर में क्या क्या होना आवश्यक है। इस दौरान उपायुक्त सिद्धार्थ यादव, ईपीसीएच (हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद) से सुनील रैना, आईआईए के चैप्टर चेयरमैन एवं निर्यातक रविंद्र मिगलानी, ईपीसीएच की रीजनल कमेटी के सहसंयोजक औसाफ गुड्डू, रामजी सुनेजा और सोमप्रकाश गोयल आदि भी मौजूद रहे।
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---- अगले दस दिन में हो जाएंगे सभी बैनामे
वुड कार्विंग कारोबारियों के कलस्टर में फिलहाल करीब 50 यूनिट लगनी हैं। कलस्टर के लिए किसानों की जमीन खरीदी जा रही है, जिसके लिए बैनामों की प्रक्रिया चल रही है। बुधवार को भी कई बैनामे कराए गए हैं। वुड कार्विंग कारोबारी रविंद्र मिगलानी ने बताया कि जिस तेजी से बैनामे हो रहे हैं, उससे अनुमान है कि अगले दस दिन में बैनामों की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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