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अपराजिता: अमर उजाला का अभियान

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गंगोह में अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं और अतिथिगण - फोटो : SAHARANPUR
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गंगोह। अमर उजाला फाउंडेशन के अनूठे अभियान अपराजिता के अंतर्गत गीता ज्ञान संस्कार एकेडमी में छात्राओं को करिअर पथ में मदद करने के उद्देश्य से करियर काउंसिलिंग एवं पर्सनैलिटी डेवलपमेंट गोष्ठी आयोजित की गई। आमंत्रित अतिथियों ने छात्राओं को अपना करिअर चुनने और स्वयं के व्यक्तित्व में निखार लाने के टिप्स दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षा विकास समिति के अध्यक्ष मेघ गोपाल गोयल, मुख्य अतिथि काउंसलर एवं उड़ान इनोवेटिव क्लासेस के सीईओ निकिता सिंह राजपूत, शोभित यूनिवर्सिटी की डॉ. सीमा जागलान, पीडी इंस्ट्रक्टर वंशिका गर्ग, प्रधानाचार्य संजय गुप्ता एवं उपप्रधानाचार्या पूजा सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में छात्राओं को कई उपयोगी जानकारियां दी गई। कार्यक्रम का संचालन विकास सैनी ने किया।
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जिस क्षेत्र में रुझान उसे ही चुने
काउंसलर निकिता सिंह ने कहा कि सही करिअर का चुनाव ही आपके सपनों को पूरा कर सकता है। अपने लिए सही करिअर ऑप्शन चुन पाना आसान नहीं होता है। कई बार किसी कोर्स में एडमिशन लेने के बाद समझ में आता है कि वह कोर्स तो आपके लिए बना ही नहीं है। ऐसे में असमंजस की बजाय हमें मंथन करना चाहिए। जिस बच्चे का जिस क्षेत्र में रुझान है उसे उस क्षेत्र में ही आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा बच्चों के जीवन में यही उम्र होती है जब वे सही और गलत रास्ता चुनते हैं। इसलिए सोच समझकर फैसला लें। किसी के कहने भर से नहीं बल्कि अपने आप से भी पूछना चाहिए कि हमें आखिर क्या चाहिए।
लक्ष्य पाने को सोच और शरीर रखें स्वस्थ
डॉ. सीमा जागलान ने छात्राओं को अपना लक्ष्य निर्धारित करने और उसे प्राप्त करने के लिए अपनी सोच एवं शरीर को स्वस्थ रखने के की सलाह दी। इसके साथ ही लक्ष्य को भटकाने वाली बातों से दूर रहने की सलाह देते हुए उन्होंने अपना टाइमटेबल बनाकर उसी के अनुसार दिनचर्या करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर दबाव न बनाया जाए। बच्चों को अपना करिअर खुद चुनने का अवसर मिलना चाहिए। कई बार अभिभावक बच्चों का करिअर तय करते हैं कि तुम्हें डॉक्टर बनना है या इंजीनियर, आईएएस या आईपीएस, ऐसे में बच्चे कहीं के नहीं रहते। उन्होंने कहा कि छात्रों को हमेशा बेहतर करने और नंबर के पीछे नहीं दौड़ना चाहिए, बल्कि अपना नॉलेज बढ़ाना चाहिए।
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बोलने से पहले सुनने की क्षमता को करें विकसित
पीडी इंस्ट्रक्टर वंशिका गर्ग ने व्यक्त्वि निखार के टिप्स देते हुए बताया कि पर्सनैलिटी डेवलपमेंट से आप अपने स्वभाव और व्यवहार में सुधार कर सकते हैं। यह आपके साथ आपके आसपास के लोगों का भी आपके तरफ एक सकारात्मक रवैया विकसित करता है। उन्होंने कहा कि किसी से बात करें तो हमेशा अपनी आवाज को सॉफ्ट रखें। न ही धीरे बोलें और न ही तेज। सामने वाले इंसान की तरफ देखकर ही बात करें। बताया कि अपने शारीरिक हाव-भाव को सुधारने के लिए भी कई बातों को ध्यान रखना होगा। बोलने से पहले अपने सुनने की क्षमता को भी विकसित करें। किसी भी बात को कम शब्दों में समझाने की कोशिश करें। अपने बैठने के तरीके को सुधारें। ड्रेसिंग सेंस को सुधारें। किसी भी ऑफिशियल मीटिंग में या प्रोफेशनल जगह साफ सुथरे कपड़े पहन कर जाएं। अपने लुक्स पर भी ध्यान दें।
समिति अध्यक्ष मेघगोपाल गोयल ने बच्चों को अतिथियों द्वारा दी गई जानकारियों से लाभ उठाकर अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानाचार्य संजय गुप्ता ने अपराजिता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वक्ताओं द्वारा दी गई जानकारियां बच्चों को जीवन में सफलता पूर्वक आगे बढ़ने में सहायक होंगी।
छात्राओं ने किए व्यक्तित्व विकास को लेकर सवाल
अंशिका, इशिका, अर्पिता, परी गर्ग, यशस्विनी सहित अनेक छात्राओं ने वक्ताओं से करिअर और व्यक्त्वि विकास को लेकर अनेक प्रश्न किए। अतिथियों ने उनके प्रश्नों का विस्तार पूर्वक उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं और आशंकाओं का समाधान किया।
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