डीएम पवन कुमार के निरीक्षण से कलक्ट्रेट से लेकर शहर से सटे विभागों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सबसे अधिक 18, एआरटीओ कार्यालय में 14, कलक्ट्रेट में छह और विकास भवन में तीन कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
इसके अलावा अभिलेखों और योजनाओं की प्रगति में गड़बड़ी पाए जाने पर अधिकारियों को फटकार लगाई। डीएम ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ठीक दस बजे कार्यालयों में पहुंचने के निर्देश दिए। मंगलवार को डीएम ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालयों का निरीक्षण किया।
यहां एओ अनिता धवन समेत कई कर्मचारी उन्हें धूप में बैठे मिले, जिन्होंने उपस्थित रजिस्टर में हस्ताक्षर भी नहीं किए थे। इसके बाद आरएआई राजकुमार, लिपिक अभय प्रताप, सीमा धीमान, प्रताप सिंह राणा और एसीआरए नीलम अनुपस्थित मिली।
इनमें प्रताप सिंह राणा के बारे में ऑफिस के काम से नगर निगम गए होना बताया गया। डीएम ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। यहां से निकलते ही डीएम सुबह साढ़े दस बजे दिल्ली रोड स्थित बलियाखेड़ी ब्लॉक पहुंचे। यहां जेई देवेंद्र सिंह और एडीओ गोपाल कृष्ण अनुपस्थित मिले।
दोनों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए। यहां राजपाल नाम का कर्मचारी 14 दिन से अनुपस्थित चल रहा है, जिसके विरुद्घ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। यहां डीएम ने मनरेगा, समाजवादी पेंशन, लोहिया आवास, पारिवारिक लाभ योजना और वित्त अभिलेखों की जांच की। रिपोर्ट ठीक न नाए जाने पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सुधार करने के निर्देश दिए।
जब डीएम ने जेई से ब्लॉक में कराए जा रहे विकास कार्यों का विवरण मांगा तो वह विवरण न दे सके। ऐसे में जेई को हड़काते हुए दो दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। यहां के निरीक्षण के दौरान ट्रेनी आईएएस राहुल पांडेय और खंड विकास अधिकारी प्रमोद कुमार उपस्थित थे।
इसके बाद डीएम विकास भवन पहुंचे, जहां जिला पंचायतराज अधिकारी का शासकीय कार्य से लखनऊ गए होना बताया गया। यहां विनोद कुमार शर्मा, राकेश खन्ना और वसीउर्रहमान कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अन्य सभी कार्यालयों में स्थिति सामान्य मिली।
इसके अलावा डीएम ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय और एआरटीओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 18 कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए, जबकि एआरटीओ कार्यालय में 14 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। नगर में मुख्य विकास अधिकारी मोनिका रानी, एडीएम (ई) ओपी वर्मा तथा प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट ने भी कई विभागों के निरीक्षण किए।
निरीक्षण में अनेक अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा अनेक कार्यों और योजनाओं की प्रगति में भी लापरवाही सामने आई है, जिनमें सुधार के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। सुधार न होने की स्थिति में संबंधितों के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। ऐसे में तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों को चाहिए कि सुबह ठीक दस बजे अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर कार्य निपटाएं।