-स्मार्ट सिटी योजना का लाभ चुनाव में लेना चाहती है सरकार, तेजी से चल रहा कार्य
जगदीप कुमार,
सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन हुए चार साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कुल 102 में से 22 ही परियोजनाएं लगभग पूर्ण हुई हैं। वर्तमान में 75 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जिनको जून 2024 तक पूर्ण करने का दबाव अधिकारियों पर है। चूंकि अगले वर्ष लोक सभा चुनाव भी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार स्मार्ट सिटी योजना के विकास कार्यों का लाभ चुनाव में लेना चाहती है।
स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन 2019 में हुआ था। सहारनपुर के विकास पर करीब 1,500 करोड़ रुपये खर्च होने थे, लेकिन पीपीपी मोड के तहत होने वाले करीब 485 करोड़ रुपये के कार्य योजना से बाहर कर दिए गए, क्योंकि कंपनियों ने सहारनपुर में काम करने में रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद पूरी योजना करीब एक हजार करोड़ रुपये की रह गई। इन एक हजार करोड़ रुपये में 102 परियोजनाओं पर काम होना है, लेकिन बीते चार साल में अभी तक 22 ही परियोजनाएं लगभग पूर्ण हुई हैं। क्योंकि अभी भी उक्त परियोजनाओं में फाइनल कार्य होना बाकी है। वर्तमान में 75 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनको जून 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य मिला है। इसके अलावा पांच परियोजनाएं ऐसी हैं, जिन पर अभी तक काम शुरू ही नहीं हुआ है।
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जल्दबाजी में गुणवत्ता हो रही खराब
योजना में चयन के बाद स्मार्ट सिटी के कार्यों की गति बेहद धीमी रही, लेकिन बीते करीब दो साल में कार्यों में तेजी आई है। पूर्व मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम के समय में परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हुए हैं। वह खुद लगातार निरीक्षण कर परियोजनाओं पर नजर रखे हुए थे और तेजी से कार्य कराए। लेकिन इस तेजी का नुकसान यह हुआ कि कईं परियोजनाएं जल्दबाजी के कारण गुणवत्ता को खो गईं। उदाहरण के तौर पर स्मार्ट सड़कों के फुटपाथ जगह-जगह से धंस गए हैं। सीवर लाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत में लापरवाही बरती गई, जिसका नतीजा यह है कि आज शहर में जगह-जगह सड़कें धंसी हैं, जिनसे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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योजना एक, मानक अलग-अलग
स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर में करीब 23 किलोमीटर लंबी स्मार्ट सड़कों का निमर्ण किया जाना है। स्मार्ट रोड बनाने का कार्य अलग-अलग कार्यदाई संस्थाओं पर हैं। नतीजा सड़कों में अंतर अलग ही नजर आ रहा है। घंटाघर से कोर्ट रोड पुल तक बनी स्मार्ट रोड का डिवाइडर नीचा और फुटपाथ पर विशेष प्रकार की टाइल्स लगाई गई हैं। लेकिन जीपीओ रोड का कार्य लोक निर्माण विभाग ने किया है, जिसका डिवाइडर ऊंचा बना दिया गया है और फुटपाथ पर सामान्य टाइल्स लगाई गई हैं। इससे योजना पर सवाल उठ रहे हैं।
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जिन परियोजनाओं पर पहले से कार्य चल रहा है, उनको हम सितंबर या अक्तूबर तक पूर्ण कर उनका लोकार्पण कर देंगे। इसके अलावा जो तीन या चार महीने पहले शुरू की गई हैं, उनको मार्च तक पूर्ण कर लिया जाएगा। जून तक सभी परियोजनाएं पूर्ण की जानी हैं। प्रयास यह है कि चुनाव से पहले तमाम परियोजनाओं का लोकार्पण कर दिया जाए।
गजल भारद्वाज, सीईओ, स्मार्ट सिटी सहारनपुर/नगरायुक्त।