सहारनपुर। संचारी रोग नियंत्रण में जिला टॉप पर रहा। शासन ने अभियान के पहले सप्ताह की समीक्षा के बाद रैंकिंग जारी की है, जिसमें सहारनपुर ने प्रदेश में पहला स्थान अर्जित किया है। इसके साथ ही शासन यह भी सुविधा की है कि जो विभाग कार्य करेंगे, वह उसकी रिपोर्ट डिजिटल डेस्क बोर्ड पर देख सकते हैं। खास बात यह है कि अगर इस बार मलेरिया का मरीज नहीं मिला तो जिला मलेरिया मुक्त घोषित हो जाएगा।
जिले में एक अप्रैल से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है, जो 30 अप्रैल तक चलेगा। 10 अप्रैल से दस्तक अभियान शुरू हुआ था। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों के बारे में जागरूक करते हैं। अभियान के तहत आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रोजाना बुखार के मरीजों की सूची, क्षय रोग के लक्षण वाले लोगों की सूची, कुपोषित बच्चों की सूची विभाग को भेजेंगी। वहीं ऐसे घरों की सूची भी दी जाएगी, जहां मच्छरों का प्रजनन पाया गया हो। इसके अलावा गांवों में साफ-सफाई भी कराई जा रही है। जिससे रोग फैल न सके। इसी वजह से प्रदेश स्तर पर जिले ने रैंकिंग सुधरी और पहला स्थान पाया है। शासन ने इस साल डिजिटल डेस्क बोर्ड जारी किया है, जिसमें हर विभाग अपने द्वारा किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट स्वत: ही देख पाएंगे।
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शासन ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान के पहले सप्ताह की रैंकिंग जारी कर दी है, जिसमें सहारनपुर का नंबर पहले स्थान पर है। डेंगू, चिकनगुनिया के संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित उनमें नियंत्रण पाया गया। इस वर्ष शासन ने डिजिटल डेस्क बोर्ड भी जारी किया है, जिस पर विभाग उनके द्वारा किए गए कार्यों की रिपोर्ट देख सकेंगे।
- शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी